slov za minutu
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Darsh_KEWAT
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Rychlost
सीपीसीटी
मेरे देश का नाम भारत है और मेरा देश एक महान देश है। इसके बहुत से नाम है। इसे हम हिंद या इंडिया आदि नामों से भी पुकारते हैं। भारत देश एक देश होने के नाते सभी देशों से महान इसलिए है कि यहां पर रहने वाले लोग एक दूसरे के साथ मिल जुलकर रहते हैं। हमारे देश पर यानी कि भारत देश पर आने वाली किसी भी आपदा का सभी लोग मिलकर सामना करते हैं। यदि किसी भी इंसान पर कोई आपदा आती है तो सभी लोग उसकी सहायता के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। ऐसा हमारा भारत देश महान है। भारत देश के कणकण में प्रेम बसा हुआ है। केवल भारतीय ही नहीं अपितु दूसरे देश भी भारत देश की एकता की मिसाल देते हैं। हमारा भारत देश सुंदर देश है। यहां पर सुबह कोयल की कू कू के साथ होती है और चिडियों की चहचहाहट हमारा मन मोह लेती है। नाचता हुआ मोर सुनहरा लगता है जिसे देखने मात्र से ही एक खुशनुमा दिन की शुरुआत होती है। भारतीय प्रकृति बहुत ही आकर्षक है। हमारे देश में चारों तरफ हरियाली का वातावरण है। हमारा देश भारत कई सदियों तक विदेशी ताकतों का गुलाम रहा लेकिन इसके बावजूद भी यहां पर लोगों में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं आया है। आज भी हमारे देश की माटी की खुशबू उतनी ही सुगंधित है व आज भी किसान खेतों में मेहनत करते हुए दिखते हैं। यहां सभी जाति व धर्म के लोग पूरी आजाद के साथ अपने सभी पर्व मिल जुलकर कर मानते हैा। यहां बहुत से पूर्व मनाये जाते हैं। भारत देश के हम सभी देशवासी अपनी खुशियां एक साथ बांटते हैं और प्रेम भाव से एक दूसरे के साथ रहते हैं। सालों से चली आ रही परंपरांए आज भी यहां वैसी ही चल रही हैं। इस महान देश मं अनेक प्रतापी शूरवीर पैदा हुए। जिन वीरों ने शुत्रुओं को लौहे के चने चबवा दिए। इनमें कई वीर एवं वीरांगनाएं हुई। हमारे देश ने न सिर्फ अपने हक की लडाई लडी अपितु दूसरे देशों की मदद के लिए भी भारत सदैव तत्पर रहा है। हमारा भारत देश एक कृषि प्रधान देश है। लेकिन फिर भी किसी भी दूसरे विकास क्षेत्र में यह किसी से पीछे नहीं है। विज्ञान हो या कारोबार हर क्षेत्र में व हर दौड में भारत आगे है। यहां पर हर साल बहुत सी फसलें उगाई जाती है। हर साल आने वाले ऋतु बदलाव के साथ आपको अलग तरह की फसलें देखने का मौका मिलता है। भारत दुनिया का केवल एक मात्र देश है। जहां छह ऋतुएं आती है। हमारा देश दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। इसमें शासन करने वाली सरकार की बागडोर हमेशा जनता के हाथों में रही है। हर पांच साल में यहां चुनाव होते हैं। इन चुनावों में उठारह वर्ष से अधिक उम्र का हर एक भारतीय नागरिक वोट डाल सकता है। इसके अलावा आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए यहां अदालतें बनाई गई है। यहां कोई भी नागरिक अपने अधिकारों का हनन होने पर अपने हक की मांग कर सकता है। भारतीय संविधान देश के हर नागरिक को समानता का अधिकार देता है। यहां की जनता इस संविधान का हृदय से मान रखती है संपूर्ण भारत वसुधैव कुटुंब कम की धारणा व नीति का पालन करता है। इन सभी विशेषताओं के कारण हमारा देश भारत महान है। कोलकाता भारत के बंगाल प्रदेश की राजधानी है और भारत के प्रमुख महानगरों में से एक है। कोलकाता हुगली नदी के पूर्वी किनारे व बंगाल की खाडी के शीर्ष तट पर बसा हुआ है। कोलकाता भारत का दूसरा सबसे बडा महानगर तथा पांचवा सबसे बडा बंदरगाह है। इस शहर का इतिहास प्राचीन है। इसके आधुनिक रूप का विकास अंग्रेजी एवं फ्रांसीसी उपनिवेशवाद के इतिहास से जुडा है। आज का कोलकाता आधुनिक भारत के इतिहास की कई गाथाएं अपने आप में समेटे हुए है। यह नगर सडक मार्ग तथा रेल मार्ग के जरिए यह देश के लगभग सभी भागों से जुडा है यह प्रमुख रूप से विदेश यातायात का केंद्र है। इसके अलावा यह बाजार वितरण व कारोबार का भी विशाल केंद्र है। कोलकाता के निकट हुगली नदी के दोनों किनारों पर भारतवर्ष के प्राय अधिकांश जूट के कारखाने मौजूद हैं। इसके अलावा यहां मोटरगाडी तैयार करने के व सूती कपडा तैयार करने के और कागज तैयार करने वाले कारखानों के जैसे और भी कई बडे कारखाने हैं। इसी कारण तिजारत के अनुसार यह भारत का प्रमुख केंद्र है। आधिकारिक रूप से इस शहर का नाम कोलकाता एक जनवरी दो हजार एक को रखा गया। पहले इसका नाम अंग्रेजी में कैलकटा ही था लेकिन बंगाली भाषाई लोग इसे सदा कोलकाता या कोलिकाता के नाम से ही जानते हैं एवं हिंदी भाषी समुदाय में यह कलकता के नाम से जाना जाता रहा है। सबसे प्रचलित व लोकप्रिय कहानी के अनुसार हिंदुओं की देवी काली के नाम के आधार पर इसमें कुछ अक्षर ओर जोड़कर इस शहर का नाम कोलकाता रखा गया है। इस शहर के वजूद का वर्णन तिजारत बंदरगाह के रूप में चीन के प्राचीन यात्रियों के यात्रा वृतांत और फारसी कारोबारियों के प्रलेखों में भी मिलता है। महाभारत की कथा में भी बंगाल के कुछ राजाओं का नाम है जो कौरव सेना की तरफ से लडाई में शामिल हुई थे इस शहर के नाम की कहानी और विवाद चाहे जो भी लेकिन इतना तो तय है कि यह आधुनिक भारत के शहरों में सबसे पहले बसने वाले शहरों में से एक है। सबसे पहले पूर्व भारतीय कंपनी के एक अधिकारी जाब चारनाक ने अपनी कंपनी के कारोबारियों के लिए यहां कसबा बसाया गया था। अगले साल इंग्लैंड के राजा जार्ज के आदेशानुसार यहां एक नागरिक अदालत भी बनाई गई थी। फिर जब कोलकाता नगर निगम को बनाया गया तो उससे पहले वहां के मेयर का चुनाव किया गया। इसके अलावा जब तक भारत में अंग्रेजी शासन रहा तब तक भारत की राजधानी कोलकाता ही बनी रही। एक बार कोलकाता में एक बहुत बडा समुद्री तूफान आया था जिसमें साठ हजार से भी अधिक लोग मारे गए थे। हालांकि इस समुद्री तूफान की वजह से कोलकाता में बुरी तरह तबाही हुई लेकिन इसके बावजूद कोलकाता अधिकांशत अनियोजित रूप से अगले डेए सौ सालों में बढता चला गया ओर आज इसकी आबादी लगभग एक करोड चालीस लाख है। एक समय था जब कोलकाता भारत का सबसे अधिक आबादी वाला क्षेत्र था। लेकिन आज यह आबादी में मुंबई के बाद दूसरे नंबर पर आता है। कोलकाता में अनेक दार्शनिक जगहें हैं जो पल भर में आपका मन मोह लेंगी और आप उस शहर के होकर रह जाएंगे।