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Darsh_KEWAT
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अभियुक्तगण के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 452 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध का अभियोग इस आधार पर है कि उसने दिनांक 19.10.2023 को समय शाम 7 बजे, स्थान कृपाल चौक के पास सिल्वर जिम के सामने भाटिया मोबाईल रिपेयरिंग में फरियादी को उपहति कारित करने के आशय से उसकी दुकान में प्रवेश कर गृह अतिचार किया। प्रकरण में यह उल्लेखनीय तथ्य है कि अभियोजन साक्ष्य प्रारंभ होने के उपरांत अभियुक्तगण एवं फरियादी/आहत के मध्य दिनांक 7.05.2026 को राजीनामा हो जाने के कारण अभियुक्तगण को धारा 294, 323/34, 427 एवं 506 भाग-2 के आरोपों से दोषमुक्त किया गया है। यह निर्णय आहत के संबंध अभियुक्तगण के विरूद्ध अशमनीय धारा 452 भा.द.सं. का विचारण जारी रहा तदोपरांज उक्त धारा के संबंध में निर्णय पारित किया जा रहा है। अभियोजन मामला संक्षेप में इस प्रकार है कि फरियादी मोहित भाटिया डयूप्लेक्स नंबर 16 कुंज कॉलोनी बनासीदास भानोट वार्ड थाना गोरखपुर जबलपुर में रहता है। कृपाल चौक पर सिल्वर जिम के सामने भाटिया मोबाईल रिपोयिरंग की दुकान चलाता है। दिनांक 19.10.2023 को शाम करीब 7 बजे वह अपनी दुकान पर बैठा था। कल्लू ई-रिक्शा वाले ने उसके दुकान के सामने ई-रिक्शा खड़ा कर दिया तो उसने कहा कि उसकी दुकान के सामने ई रिक्शा खड़ा किये हो यहां से हटा लो। इसी बात को लेकर कल्लू ने उसे मां बहन की गंदी गंदी गालियां दिया और उसके लड़के को बुलाकर लाया और उसकी दुकान के अंदर घुसलकर उसकी दुकान में तोड़फोड़ किया तथा उसे डण्डा एवं हाथ मुक्कों से मारपीट किया, जिससे उसे बाये तरफ आंख के नीचे होंठ दाहिने हाथ एवं दाहिने पैर के घुटने में चोट आयी तथा उसे धमकी दिये कि आज तो बच गया, दोबारा उने ई रिक्शा खडा करने से मना किया तो उसे जान से खत्म कर देगा। घटना स्थल का नक्शा मौका तैयार किया गया। तत्पश्चात विवेचना की अन्य आवश्यक कार्यवाही की परिपूर्ति किये जाने के उपरांत अभियुक्त के विरूद्ध अभियोग पत्र तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अभियोजन का मामला संक्षेप में इस प्रकार है कि मुकेश पाल सिंह तोमर वर्ष 2014 में श्रम प्रवर्तन अधिकारी केन्द्रीय जबलपुर के पद पर पदस्थ था। उसके पूर्व पीठासीन अधिकारी परमेश टोकस श्रम प्रवर्तन अधिकारी केन्द्रीय जबलपुर के पद पदस्था था।