perkataan seminit
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sarvesh070
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Kelajuan
एक बार की बात है जंगल में राजा ने बहुत बड़ा यज्ञ किया, उस यज्ञ में अपनी जीवन भर की सम्पूर्ण सम्पत्ति दान में खर्च कर दिया। उस यज्ञ में ऋषि-मुनि, महापुरुष तथा ज्योतिष आदि लोग पधारे। यज्ञ ठीक ढंग से समाप्त होने के पश्चात् सभी लोगो ने राजा को आशीर्वाद दिया । फलस्वरूप राजा के घर एक बच्चे का जन्म हुआ जिसका नाम श्रवण रखा गया छोटी ही अवस्था में अपनी योग्यता, विद्या तथा व्यवहार के द्वारा सभी को मोह लिया । श्रवण को झरना, पक्षी, इमारत तथा क्यारियाँ पसन्द थी ।
बाली पार्थ ऋषि से विद्या एवं दाऊमाई द्वारिकाधीश श्री कृष्ण से गूढ़ ज्ञान लेकर कुरुक्षेत्र में जूझ पड़े और ठीक पाँच छः प्रखर योद्धा मौंत के घाट उतारे ।