perkataan seminit

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sarvesh070


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Kelajuan

"महर्षि याज्ञवल्क्य के आध्यात्मिक ज्ञान, दार्शनिक चिंतन और अद्वितीय पांडित्य ने तत्कालीन शास्त्रार्थ की संपूर्ण व्यवस्था को एक नवीन दिशा प्रदान की। उनकी यह निष्पक्षता, विलक्षण दूरदर्शिता तथा अनासक्त दृष्टिकोण ने बौद्धिक समुदाय को विस्मित कर दिया। यद्यपि अनियंत्रित और स्वायत्त तकनीकी विस्तार ने आज की परिस्थितियों को जटिल बना दिया है, तथापि हमें अपनी शास्त्रीय और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण हेतु सतत प्रयत्नशील रहना चाहिए।"
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Latihan Teks - Masa 148 - English

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