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ARNAVSINGH
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तेज हो रहे चुनावी अभियान के साथ भाषणों में सीमा पार कर रही तल्खी पर चुनाव आयोग सख्त हो गया है। आचार संहिता उल्लंघन मामले में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के जवाब से असंतुष्ट आयोग ने जहां उन्हें संयत होने की चेतावनी दी है। वहीं कांग्रेस के लिए खूनी पंजा शब्द का इस्तेमाल कर नरेंद्र मोदी भी घेरे में आ गए हैं। आयोग ने उन्हें नोटिस भेजकर शनिवार की शाम तक सफाई मांगी है।
आम चुनाव तो अभी दूर है, लेकिन उससे पहले ही दोनों मुख्य दलों के चेहरे और स्टार प्रचारक ही आचार संहिता उल्लंघन के घेरे में आ गए है। चुनावी इतिहास में यह शायद पहली ही बार हो रहा है। मोदी जहां औपचारिक रूप से भाजपा के प्रधानमंत्री उम्मीदवार हैं वहीं राहुल कांग्रेस का चेहरा है। बुधवार को आयोग ने राहुल को आचार संहिता उल्लंघन का दोषी मानते हुए चेतावनी दे दी है। राजस्थान और इंदौर में राहुल ने भाजपा पर हिंदुओं और मस्लिमों को लड़ाने और दंगा फैलाने का आरोप लगाया था। राहुल ने अपने जवाब में हालांकि दावा किया था कि इसका संकेत भाजपा और संघ की विचारधारा से ही मिलता है और उन्होंने जो कुछ बातें कही, वह धार्मिक आधार पर बंटवारे के लिए नहीं बल्कि उनके बीच सौहार्द बढ़ाने के लिए थी। लेकिन आयोग ने सफाई को खारिज करते हुए भविष्य में संयत रहने की चेतावनी दे दी। यह और बात है कि इसके बावजूद कांग्रेस नेता राहुल के बयान पर टिप्पणी करने से बच रहे हैं। बार बार पूछे जाने पर भी कांग्रेस के रणदीप सुरजेवाला ने कुछ नहीं कहा। हालांकि चुनाव आयोग को भेजे जवाब में राहुल गांधी द्वारा संघ के विचारक एमएस गोलवलकर का नाम लेने पर भाजपा ने गड़ा एतराज जताया है। पार्टी प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा कि साहुल गांधी को तुष्टिकरण की राजनीति और सांप्रदायिक कार्ड खेलने से बाज आना चाहिए। आयोग ने मोदी पर भी शिकंजा कसा है। मोदी ने छत्तीसगढ़ के चुनावी भाषण में जनता को चेताया धा कि खूनी और जालिम पंजे से सावधन रहें। कांग्रेस की शिकायत के बाद आयोग ने नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। इस पर निर्मला सीतारमन ने कहा कि पार्टी इसे आचार संहिता का उल्लंघन नहीं मानती है। बहरहाल, समय रहते जवाब भेज दिया जाएगा।