words per minute

8

sadanand


00:00

Speed

रिवार का पेट पालने के लिए वह रोजाना गांव-गांव, शहर-शहर जाकर गली-मोहल्ले घूम-घूमकर टोपियां बेचता था और उसमें बचे मुनाफे से अपना जीवनयापन करता था। बड़ी मुश्किल से वह अपनी गाड़ी चला रहा था। एक दिन उसका स्वास्थ्य कुछ ठीक नहीं था्। पेट की वजह से उसे रात को ठीक से नींद नहीं रही थी। फिर भी वह भारी मन से उठा और अपने साथ टोपियों की गठरी और एक छोटी-सी पोटली में खाना लेकर वह शहर की ओर निकल रोजाना की तरह वह जंगल के रास्ते से होकर शहर की ओर जा रहा था, कि रास्ते में उसे जोरों की भूख लगी। वह एक घनी छायावाले के नीचे बैठा। पोटली खोली और खाना खाया। रात भर ठीक से सो पाने के कारण उसका मन सुस्ताने का हुआ।परिवार का पेट पालने के लिए वह रोजाना गांव-गांव, शहर-शहर जाकर गली-मोहल्ले घूम-घूमकर टोपियां बेचता था और उसमें बचे मुनाफे से अपना जीवनयापन करता था। बड़ी मुश्किल से वह अपनी गाड़ी चला रहा था। एक दिन उसका स्वास्थ्य कुछ ठीक नहीं था्। पेट की वजह से उसे रात को ठीक से नींद नहीं रही थी। फिर भी वह भारी मन से उठा और अपने साथ टोपियों की गठरी और एक छोटी-सी पोटली में खाना लेकर वह शहर की ओर निकल रोजाना की तरह वह जंगल के रास्ते से होकर शहर की ओर जा रहा था, कि रास्ते में उसे जोरों की भूख लगी। वह एक घनी छायावाले के नीचे बैठा। पोटली खोली और खाना खाया। रात भर ठीक से सो पाने के कारण उसका मन सुस्ताने का हुआ।परिवार का पेट पालने के लिए वह रोजाना गांव-गांव, शहर-शहर जाकर गली-मोहल्ले घूम-घूमकर टोपियां बेचता था और उसमें बचे मुनाफे से अपना जीवनयापन करता था। बड़ी मुश्किल से वह अपनी गाड़ी चला रहा था। एक दिन उसका स्वास्थ्य कुछ ठीक नहीं था्। पेट की वजह से उसे रात को ठीक से नींद नहीं रही थी। फिर भी वह भारी मन से उठा और अपने साथ टोपियों की गठरी और एक छोटी-सी पोटली में खाना लेकर वह शहर की ओर निकल रोजाना की तरह वह जंगल के रास्ते से होकर शहर की ओर जा रहा था, कि रास्ते में उसे जोरों की भूख लगी। वह एक घनी छायावाले के नीचे बैठा। पोटली खोली और खाना खाया। रात भर ठीक से सो पाने के कारण उसका मन सुस्ताने का हुआ।
words per minute
0
wpm
accuracy
0%
Text Practice - Time 724 - English

words per minute