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Amit4U
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वायसराय, गवर्नर जनरल और प्रेसीडेन्ट्स के इस निवास का वर्तमान नाम है-राष्ट्रपति भवन। नई दिल्ली के निर्माण के साथ ही 1912 में शुरू होकर सत्रह वर्ष में पूरे हुए इस राष्ट्रपति वैभव और स्वाभिमान के प्रतीक महाप्रासाद के निर्माण और स्वरूप की कहानी बड़ी दिलचस्प है। राष्ट्रपति भवन चार मंजिला इमारत है जिसमें अलग-अलग आकार के 340 कमरें है। इन कमरों, गलियारों, आंगनों, बरामदों, सीढ़ियों और दालानों के अलावा रसोईघरों, कपड़े धोने के कक्ष, पैन्ट्रीज, आदि को मिलाकर इसका कुल अन्दरूनी क्षेत्रफल लगभग 180 हजार 580 वर्गमीटर है। इसके निर्माण में तीस लाख घन फिट पत्थर और सत्तर करोड़ ईंटों का प्रयोग हुआ है। निर्माण जब पूरे जोर-शोर से चल रहा था, तब इसमें 23,000 कारीगर लगे हुए थे। राष्ट्रपति भवन न केवल भारत के राष्ट्रपति का आवास तथा कार्यालय है बल्कि देश-विदेश के गणमान्य अतिथियों, राष्ट्राध्यक्षों, आदि का औपचारिक स्वागत स्थल भी है। प्रमुख राष्ट्राध्यक्ष जब भारत के अतिथि होते है तब यहीं ठहरते हैं। भारत के सर्वोच्च सार्वजनिक, सैनिक तथा खेल अलंकरण इसी भवन में राष्ट्रपति प्रदान करते हैं तथा केन्द्रीय सरकार के प्रधानमंत्री एवं मन्त्री यहीं शपथ ग्रहण करते हैं।