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yadavashutosh08
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यहां पर मैं देखता हूँ कि लोग इतना कठिन मैटर डालते हैं कि देखते ही हालत खराब हो जाए, टाइप करना तो दूर की बात है। शायद लोगों को लगता होगा कि कठिन मैटर टाइप करने से टाइपिंग निकल जाएगी। क्या आप भी ऐसा ही सोचते हैं? हो सकता है आप ठीक हों लेकिन टाइपिंग निकालनी है तो आपको टाइपिंग आनी चाहिए, और टाइपिंग आने का ये मतलब बिल्कुल भी नहीं है कि आपको सारी की अच्छे से पता हों। ऐसा मेरा सोचना है। सारी कीज़ याद करने के बाद बात यहां आकर रुकती है कि आपकी उंगलियां और आपका दिमाग साथ-साथ चले। मेरी समझ से अगर टाइपिंग सेंटर में आपके हाथ न कांपे और उंगलियां और दिमाग साथ-साथ चल गया तो आपकी टाइपिंग कोई नहीं रोक सकता।
यहां पर लोग जो मैटर डालते हैं उसमें पहले से ही बहुत गलतियां होती हैं जिससे आधा मूड तो पहले ही खराब हो जाता है, लोग सोचते हैं मैं सही बना रहा या रही हूँ फिर ये शब्द बन क्यूं नहीं रहा है?
खैर सौ की एक बात है कि अगर आपको टाइपिंग आती है तो निकल जाएगी चाहे कोई भी की-बोर्ड मिले या कोई भी मैटर। एक बात ये भी है कि आपसे कोई दुश्मनी नहीं है यूपीएसएसएससी वालों की जो वो इतना कठिन मैटर देंगे कि आप कर न पाएं। आल द बेस्ट सभी को।
ये मेरे अपने विचार हैं आप इससे सहमत या असहमत हो सकते हैं।