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ShobhitamSaxena
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बीते दिनों शिक्षक दिवस के मौके पर देश भर के स्कूली बच्चों के साथ बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लड़कियों की शिक्षा अपनी शीर्ष प्रार्थमिकता बताया। उन्होंने कहा था कि लड़कियों को शिक्षा के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराएंगे। स्वतं6ता दिवस के अवसर पर भी अपने संबोधन में प्रधामंत्री ने स्त्री सुरक्षापर गहरी चिंता व्यक्त की थी वास्तव में अवसर की बावना की वजह से ही लड़कियों शिक्षा, खासकर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ रही है, जबकि उनके पास योग्यता और शिक्षा खासकर और प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।
राहुल पटेल सुट्टा झांसी उत्तरप्रदेश।
इसके अलावा उन्हें समुचित अवसर भी नही मिल पाता। हल साल 10 वीं और 12 वीं को बोर्ड परीक्षाओं के नतीजों में लड़कों के मुकाबले लड़कियों उत्तीर्ण होने का लेकिन कालेज स्तर पर और खासकर उच्च शिक्षा इंजीनियरिग और पु्रबंधन के क्षेत्र में लड़कियों की संख्या बेहद कम दिखती है। पिछले कुछ वर्षों कें पेशेवर शिक्षा के परीक्षा परिणामों की और देखें तो यह विरोधाभास और भी स्पष्ट हो जाता है। सवाल उठता है कि स्कूल स्तर पर कामयाबी का परचम फहराने वाली लड़कियों की संख्या पर्याप्त ढंग से उच्च और पेशेवर शिक्षा में आजाते कम क्यों हो जाती है। हिन्दी टाइपिंग करना एक अपने आप में कला है एक प्रतिभा है। धन्यवाद मित्रों। आपका राहुल पटेल