words per minute
25
anshulco
00:00
Speed
बाबा रामदेव देश के मध्यम वर्ग को पतंजलि के प्रोडक्ट इस्तेमाल करने के लिए यह कहकर प्रेरित करते हैं कि उन्हें विदेशी कंपनियों के उत्पाद को छोड़कर प्राकृतिक और जड़ी बूटियों से बने पतंजलि प्रोडक्ट इस्तेमाल करने चाहिए। यह 1905 के स्वदेशी आंदोलन की याद दिलाता है जो ब्रिटिश प्रोडक्ट का इस्तेमाल छोड़ स्वदेशी सामान इस्तेमाल करने की बात कहता था। साथ ही पतंजलि का यह मिशन एक तरफ प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया विजन को भी सहयोग करता है।
पतंजलि ने 400 से ज्यारदा प्रोडक्ट्सव की डिस्ट्रीाब्यू शनशिप के लिए आवेदन मंगाए हैं। विज्ञापन में कहा गया है कि केवल सक्षम और देशभक्त लोग ही हिस्सा बन सकते है।कंपनी का लक्ष्य इस वित्त वर्ष में अपना टर्नओवर 10000 करोड़ करना है। अपने प्रोडक्ट्स की पहुंच को बढ़ाने के लिए पतंजलि ने नए डिस्ट्रीब्यूटर्स से आवेदन मंगवाए हैं। ये डिस्ट्रीब्यूटर्सशिप पतंजलि के 400 से ज्यादा प्रोडक्ट्स के लिए दी जाएगी। लेकिन इन डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए बाबा रामदेव को असली व्यापारी नहीं बल्कि देशभक्त की तलाश है।
पतंजलि की ओर से दिए गए विज्ञापन में लिखा है कि पतंजलि का लक्ष्य मात्र व्यापार करना नहीं बल्कि यह स्वदेशी की लड़ाई के लिए एक मिशन है। आने वाले दिनों में पतंजलि तमाम बहुराष्ट्रीय कंपनियों से बड़ा ब्रांड बन जाएगा। पतंजलि इस व्यापार के मुनाफे को शिक्षा, स्वास्थ आदि दूसरे सामाजिक, धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों में खर्च करेगा और इसके सृजन के लिए काम करता रहेगा। अत: केवल सक्षम और देशभक्त लोग ही इस मिशन का हिस्सा बन सकते है।