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ManitTomer
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स्कॉर्पीन डाटा लीक मामले में फ्रेंच नेवी के एक पूर्व अधिकारी पर शक है। द ऑस्ट्रेलियन अखबार के मुताबिक फ्रेंच फर्म डीसीएनएस के लिए काम करने वाले अधिकारी ने पनडुबब्बी से जुड़ी जानकारियों को लीक किया है। ऐसा करने के पीछे उसका मकसद क्या था बता पाना मुश्किल है। इस बीच डीसीएनएस का कहना है कि फ्रेंच अथॉरिटी इस मामले की जांच कर तह तक जाने की कोशिश करेंगे कि आखिर इस लीक के पीछे कौन है।इसके अलावा पनडुब्बी से जुड़े डाटा कहां से लीक हुए हैं। स्कॉर्पीन में करने होंगे बदलाव कई पूर्व नौसेना अधिकारियों ने कहा है कि यह देखना जरूरी है कि लीक हुए डाटा तैयार हो रही स्कॉर्पीन पनडुब्बियों के खयाल से कितने उपयोगी हैं और उसके अनुसार इस परियोजना में आगे बदलाव करने होंगे। भारतीय नौसेना के लिए क्यों झटका हैं स्कार्पियन पनडुब्बी डेटा लीक, 10 बड़ी बातें पूर्व नौसेना प्रमुख अरुण प्रकाश ने कहा कि सबसे पहले यह देखना होगा कि लीक जानकारी कितनी प्रासंगिक हैं? लीक दस्तावेज अगर सचमुच 2001 के हैं, तो जानकारियां पुरानी होंगी। लेकिन यदि ये वैध हैं तो पनडुब्बी कार्यक्रम को नुकसान पहुंचाएंगी। फिर भी, शेष चार निर्माणाधीन पनडुब्बियों की डिजाइन आदि में बदलाव किए जा सकते हैं। पूर्व कमोडोर और सोसाइटी ऑफ पॉलिसी स्टडीज के निदेशक उदय भास्कर ने भी कहा कि दस्तावेज की सच्चाई परखना सबसे पहला काम है।