words per minute

11

RiteshChandra


00:00

Speed

मारे देश में जातीय, धार्मिक एवं भाषीय रूढ़ियों के साथ-साथ कुछ अन्य महत्वपूर्ण रूढ़िबद्ध छवियों में एक छवि देश के युवाओं की भी है, जो उन्हे विद्रोही, क्रान्तिकारी, विवेकहीन एवं अपरिपक्व वर्ग के रुप में सामने लाती है। यह सही कि युवा बाहरी प्रभावों के प्रति अतिसंवदनशील होते है और दूसरों की नकल करते हैं, परन्तु इसका अर्थ यह नहीं कि युवा केवल विध्वंस, आक्रमण और आतंक में ही विश्वास करते हैं। दरअसल देश में जब चारों ओर भ्रष्टाचार विरोधाभास का आलम है, तो ऐसे में सिर्फ युवाओं से ही यह क्यों अपेक्षा की जानी चाहिए कि वे पारम्परिक नैतिक मूल्यों एवं ऊँचे आदर्शों के अनुरूप व्यवहार करें। युवा वर्ग जब पाता है कि उसके समाज का नेतृत्व करने वालों की कथनी एवं करनी में एक चौड़ी खाई है, तो उनमें नाराजगी उत्पन्न होना स्वाभाविक है। इससे निराश और भ्रमित होकर कुण्ठित युवा एक सामाजिक विरोध प्रस्तुत करने के लिए कोई आन्दोलन चलाते हैं।
words per minute
0
wpm
accuracy
0%
Text Practice - Time 319 - English

words per minute