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Daveakhilesh
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आज तरीख 25 जुलाई, 2017 को नये राष्टाध्यक्ष के रूप में रामनाथ कोविंद को सपथ दिलाई गई। वो इससे पहले बिहार राज्य के राज्यपाल रहे है एवं उनका राजनीतिक जीवन बहुत अच्छा रहा है। वह बताते है, कि वो एक गरीब परिवार से है और उनके मकान कच्चे मिट्टी के बने थे एवं बारिस के समय पानी आता था तो वो दीवार के सहारे सटकर खड़े हो जाते थे। आज वो उस समय से लेकर आज इस समय में आकर उस समय को याद कर रहे है, क्यों न करें भाई उन्होंने वो समय भी देखा है जो हर एक गरीब व्यक्ति का वो मुसीबत भरा समय होता था जिसमें उसे बारिस बंद होने का इंतजार रहता था। आज वो देश के सर्वोच्च पद पर आसीन हुए है जहॉ पहुचकर वो उस समय को याद कर रहे है। जरूरी है हर वो व्यक्ति जो एकाएक सफल हो जाता है चाहे किसी भी नौकरी या किसी पद पर आसीन हो जाता है, तो उस वक्त की वो सब बातें याद आ जाती है जो सबसे कठिन परिस्थति का समय होता था । तो आज मान् का यूं काहे कि राजतिलक हो गया हो आज वो संसद के सेंट्रल हॉल में थे जहां उनको सपथ दिलाई गयी वहां मौजूद मुख्य न्यायधीश खेहर जी ने हिंदी में सपथ पत्र पढ़कर उन्हें सपथ दिलाई इसके बाद राष्ट्रपति की कुर्शी का आदान-प्रदान हुआ फिर उन्होंने देश को संबोधित किया वहॉं पर उपस्थित प्रमुख गण के रूप में लगभग सभी सदस्य मौजूद थे मुख्य न्यायमूर्ति, राष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष, एवं उपराज्यपाल आदि रामनाथ कोविंद के साथ आसीन थे। राष्ट्रपति के पद की सपथ के बाद उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गयी।
आज से भारत अग्ले पांच वर्षों तक नये राष्ट्रध्यक्ष के कार्यकाल को देखेगा और देखना होगा कि देश में आने वाली चुनौतियों का वो कैसे मुकाबला करते है एवं उनके निर्णय ही सर्वमान्य होगें।
मैंने यह लेख केवल आपको सीपीसीटी की परीक्षा उत्तीर्ण करने के उद्देश्य से ही नहीं बल्कि आपको परीक्षापयोगी दृष्टि से भी से अवगत कराया है।