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KuldeepKhare
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इसके बावजूद वादी एवं उसके परिवार जन संतुष्ट नही थें और प्रतिवादिनी पर एक लाख रूपये नगद लाने के लिए दबाब देते थे/ तथा उसके मना करने पर उसकी मारपीट करते थे । वास्तव मे वादी प्रतिवादिनी को अपने साथ नही रखना चाहता है और वह उसे मारपीट कर अपने मकान स्थित वृन्दावन पत्रालय मलावन से जबरन निकालना चाहता है । प्रतिवादिनी उत्तरदात्री आज भी कस्वा मलावन मे अपने ससुराल मे ही निवास कर रही है / उसने वादी को कभी दूध मे जहर देकर मारने का प्रयास नही किया और न ही अपने ऊपर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगाने का प्रयास किया और न फाॅसी लगाने का/ प्रयास किया। उसने कभी भी वादी से यह नही कहा कि वह उसके मायके मे चलकर रहें। शादी के समय जो भी सामा, दहेज, कपड़े व जेबरात उसके पिता व वादी के पिता ने दिए थे, वादी/ / द्वारा छीनकर अपने कब्जें मे कर लिए गये हैं । समेकित रूप से उत्तरदात्री ने वादी द्वारा प्रस्तुत वाद को निरस्त किये जाने की प्रार्थना की । प्रतिवाद पत्र में वर्णित तथ्यों कें खण्डन मे याची की ओर से अपना प्रत्युत्तर कागज सं० 79ए-1 प्रस्तुत किया गया, जिसमे उसने प्रतिवादिनी के सभी तथ्यों को नितांत गलत, मिथ्या व मनगढन्त बताते हुए/ अभिकथन किया है कि शादी मे कोई अतिरिक्त धनराशि विपक्षी के माता-पिता ने याची के परिजन को नहीं दी थी। उसने विपक्षी के साथ मारपीट नहीं की और न अतिरिक्त्ा दहेज लाने के लिए विपक्षी पर दबाव डाला। विपक्षी माह अक्टूबर 2005 से अपने मायके में रह रही हैं जहॉ वह शिक्षा मित्र के रूप मे पिछले कई माह से सेवारत है और उक्त नाैकरी से पूर्व विपक्षी अपने चाचा के स्कूल मे सेवारत थी । विपक्षी वादी की अपेक्षाकृत अत्यधिक शिक्षा प्राप्त करने के कारण स्वतंत्र विचारों की महिला है, इसी कारण वह वादी पर अपने गांव कस्वा जसराना मे चलकर रहने के लिए दबाव बनाती रही, जिसको उसने स्वीाकार नही किया । समेकित रूप से याची द्वारा अभिकथित किया गया कि वादपत्र मे दर्शित आधार बिलकुल सही व विधि सम्मत है ।