words per minute

7

KuldeepKhare


00:00

Speed

नमोहन सिंह देश के महारत्न से कम नहीं हैं। मोदी जी तो बस उनका किया भुना रहे हैं। सबसे अधिक समस्या तो नौकरी की है अगर आज मनमोहन सिंह जी प्रधानमंत्री होते तो हम लोग किसी विभाग में सरकारी नौकरी कर रहे होते। मोदी जी ने एक भी वादा पूरा नहीं किया बल्कि जिन योजनाओं का मोदी जी विरोध करते थे उन्ही योजनाओं की आज तारीफ करते हैं। आधार को ही ले लीजिए। पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की आधार योजना की यूएन ने भी तारीफ की थी। यूएन की ओर से कहा गया था कि आधार स्कीम भारत की बेहतरीन स्कीम है। जैसा कि हम और आप देख ही रहे हैं कि वर्तमान पीएम मोदी की सरकार में आधार संख्या को यूनीक नंबर होने के चलते विभिन्न कामों में अनिवार्य कर दिया गया है। भारतीय विशिष्‍ट पहचान प्राधिकरण सन 2009 में मनमोहन सिंह के समय ही गठित किया गया जिसके तहत सरकार की इस बहुउद्देशीय योजना को बनाया गया। देश के हर व्यक्ति को पहचान देने और प्राथमिक तौर पर प्रभावशाली जनहित सेवाएं उस तक पहुंचाने के लिए इसे शुरू किया था। आज पैन नंबर को इससे लिंक करना, आपके मोबाइल नंबर को लिंक करना, बैंक खातों से भी आधार को जोड़ा जाना बेहद जरूरी हो चुका है। यहां तक कि डेथ सर्टिफिकेट बनवाने के लिए भी आधार की जरूरत अनिवार्य कर दी गई है। पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री कह चुके हैं कि सरकार ड्राइविंग लाइसेंस के लिए भी आधार को जल्द ही अनिवार्य कर सकती है। 28 जनवरी 2009 को नोटिफिकेशन जारी करके इसके लिए जो कार्यालय तैयार किया गया उसमें 115 अधिकारियों और स्टाफ की कोर टीम थी।
words per minute
0
wpm
accuracy
0%
Text Practice - Time 382 - English

words per minute