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KuldeepKhare
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अंग्रेजी के सुप्रसिद्ध कवि 'कीट्स' ने अंग्रेजी में एक बड़ी सुन्दर काव्य पुस्तक लिखी; इसका नाम था- 'इनडिमियान'. उस समय उनकी आयु केवल 23 वर्ष की थी. यह ग्रन्थ काव्य के उच्चतम गुणों से विभूषित था, उसने इनकी प्रत्येक पंक्ति पर अत्यधिक परिश्रम भी किया था. इसमें सौन्दर्य के सम्बन्ध में उनके विचार गीत और लय में छन्दोबद्ध कर दिए गए थे. रोमांटिक विचारधारा, कल्पना की ऊँची उड़ान और सुमधुर शब्द चयन था; पर कीट्स का दुर्भाग्य देखिए, जब वह काव्य ग्रन्थ आलोचना के लिए 'ब्लैकवुड मैगजीन' और 'क्वाटरली रिव्यू' में गया तो उन दोनों मासिक पत्रिकाओं के सम्पादकों ने पुस्तक की बड़ी ही कटु पक्षपातपूर्ण आलोचनाएं कीं. उन दिनों कीट्स की प्रतिभा धीरे-धीरे विकसित हो रही थी. लेकिन समीक्षकों ने कीट्स की आयु की ओर ध्यान नहीं दिया था. उन्होंने उस पर अपरिपक्वता का दोष निकाला और रुचि तथा बनावट की कई कमजोरियॉं निकालीं इससे कवि को अत्यधिक मानसिक क्लेश हुआ. यह ठीक था कि इस पुस्तक में त्रुटियां थीं, किन्तु तथ्य यह था कि उसकी बहुत-सी आलोचनाएं झूठी थीं. पक्षपातपूर्ण दृष्टि से कुछ का कुछ कह दिया गया था. कीट्स को ऐसा मानसिक आघात लगा कि वह अपना मानसिक संतुलन ठीक न रख सका और विक्षोभ में गलते-गलते अपनी संवेदनशीलता के कारण 25 वर्ष के यौवन में ही स्वर्ग सिधारा. इसी प्रकार अंग्रेजी के एक कवि टॉमस चैरटन बचपन से ही बड़े प्रतिभाशाली और असाधारण क्षमता वाले कवि थे. 18 वर्ष की अल्पायु में ही उन्होंने बड़ी अच्छी कविताओं का निर्माण शुरू किया था. वे पुरानी शैली में धार्मिक कविताएं लिखा करते थे. उनकी महत्वाकांक्षा थी कि साहित्यिक दुनिया उन्हें मान्यता देगी, उस कच्ची आयु में ही वे साहित्यिक समृद्धि पा सकेंगे. कुछ साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं में उनकी रचनाएं प्रकाशित होती थीं. दुर्भाग्य से उन्हें लड़का समझकर विद्धानों और साहित्यकारों का ध्यान उनकी उपलब्धियों तक नहीं गया. किसी ने उनकी प्रशंसा न की और जल्दी ही अंग्रेजी साहित्य जगत में उच्चतम स्थान न मिला. उनकी इनती ऊँची आकांक्षाओं के कारण उल्टे उनका विरोध हुआ. भावुक और उतावले कवि ने विष खाकर आत्महत्या कर ली. वह पत्र जो बाद में मिला उसमें उनकी आत्मग्लानि से भरे हुए उदगार थे.