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anjulsaxena
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युनिवर्सिटी पर हमारी सीरीज जारी है, ये दसवां अंक है, इस सीरीज के बहाने आपने हिन्दुस्तान के कई छोर देखें समझ रहे होंगे कि कैसे कॉलेजों को बर्बाद कर एक सामाजिक अंतर पैदा किया गया है जिनके पास पैसे हा वो अब 10-10 लाख रुपये देकर बीए, एमए की पढ़ाई प्राइवेट युनविर्सिटी में पढ़ रहे है, जिनेके पास नहीं हैं उनके लिए बहुत कम काॅलेज बचे हैं जहां पढ़ाई होती है, राज्यों में तो हालत और भी खराब हैं।
साधरण आय वाले परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा महंगी भी हो रही है और मुश्किल भी इसलिए यह मामला किसी नेता के रूटीन बयान से ज्यादा गंभीर तो है ही इस दिवाली फैजाबाद में बहुत रौनक वाली है, वहॉंॉं 2 लाख दीये जलेंगे और एक कीर्तिमान बनने जा रहा है। भगवान राम की 200 करोड़ रुपये की प्रमिा बनने वाली है, सारी बातें सुनकर किसी को भी भरोसा हो जाए कि धम-करम का काम ठीक चल रहा है। उम्मीद है लोग धरम-करम के काम में पठन-पाठन का भी काम शामिल करते होंगे। शिक्षा भी धम का ही काम है अभी तक इसके लिए किसी बड़े दावे की खबर नहीं सुनाई दी है।
यह अयोद्धा का सबसे बड़ा कॉलेज है कामता प्रसार सुंदर लाल साकेत स्नातकोत्तर महाविद्यालय है। कामता प्रसाद और सुदर लाल के नाम पर यह कॉलेज है , दोनों ही व्यवसायी हैं दोनों ने शहर में कॉलेज बने इसीलिए 1 लाख रुपये दिए थे बहुत मेहनत से जानकारी जुटाई है यहां 110000 के करीब छात्र-छात्राएं हैं।
लड़कियों की सही संख्या का पता तो नहीं चला लेेकिन यह मालूम हुआ कि उनके लिए कॉलेज के कैंपस में शौचालय नहीं है, गर्ल्स कामनरूम में मात्र छह शौचालय हैं, जो काफी नहीं है यह भी सुनने को मिला कि ग्रेजुएट के छात्रों ने कॉलेज आना कम कर दिया है साकेत कॉलेज में 145 रेगुलर शिक्षक होने चाहिए मगर यहां 85 ही है, वो भी इनमें से हाल फिलहाल में भी नियुक्त हुए है । बहुत दिनो ंंतक यह कॉलेज 60-65 शिक्षकों के भरोसे चलता रहा आज भी यहां 60 शिक्षकों की कमी है कुछ विषयों में गेस्ट टीचर रखे गए हैं जो 15 से 20000 हजार की सैलरी पर पढ़ा रहे है यहां इस वक्त झांकियां बन रही हैं जो दीपोत्सव के वक्त होंगी, दीपावली के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोद्धा के लिए कई रिकॉर्ड तोड़ काय्रक्रमों की घोषणा की है।
फैजाबाद के ही दर्शननगर में एक कॉलेज है गौतम बुद्धमहाविद्यालय, वहां पर 7-8 शिक्षक ही हैं, जब हमारे सहयोगी प्रमोद श्रीवास्तव यहां गए तो गेेट बंद था और अंदर में गाय बकरी चराई जा रही थी। मेन गेट पर ही झाडि़या उग आई है। गंदगी का विवरण इस वक्त उचित नहीं होगा क्योंकि अयोद्धा दीपोत्वस में डुबा हुआ है।