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kuldeepmaurya
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सभापति महोदय, सरकार इस स्थिति में नहीं आई है कि वह कह सके कि देश में काला धन नहीं है। काले धन को निकालने के और प्रयत्न होने चाहिए। लेकिन उसके साथ-साथ इस दिशा में भी कदम उठाए जाएँ कि ऐसे कामों पर रोक लगाई जाए जिससे लोगों को काला धन कमाने का अवसर ही न मिले। आज हमारे देस के विभिन्न प्रदेशों और क्षेत्रों की स्थिति में बड़ा इंतर है। इस अंतर को समाप्त किया जाना चाहिए । मुझे आशा है कि वित्तमंत्री जा को बता रहा था कि आप एक तरफ से नए-नए कर लगाकर खजाने को भरने की कोशिश कर रहे है और दूसरी तरफ आपके विभाग उस खजाने में छेद कर रूपया निकाल रहे है। इस तरफ उनका ध्यान जाना चाहिए। मैंने इस संबंध में एक उदाहरण दिया था कि एक लंबी-चौड़ी सड़क पर एख ही करह का काम होने वाला था। एक ठेकेदार ने 4 लाक रूपए प्रति मील और दूसरे ठेकेदार ने 10 लाख रूपए प्रति मील के हिसाब से रूपया माँगा । जब मंत्री महोदय के सामने यह चाज लाई गई तोइस बात की जाँच हुई जिसमें कुछ करोड़ रूपयों की बचत हो सकती थी। जैसा कल मैंने वित्त मंत्री जी से कहा उन्होने दो करोड़ रूपए की छूट करों में देकर हम पर अहसान लाद दिया। लेकिन मैं तो आपका कई करोड़ रूयों का लाभ करा रहा हूँ। आप इसकी जाँच कराइए और देखिए कि कैसी लूट हो रही है। इतनी ही नहीं, इसका प्रबआव दूसरे विभागों पर भी पड़ रहा है। वहाँ पर जो दूसरे विभाग काम कर रहे हैं, उनकी दरें भी बढ़ रही हैं या दरें बढ़ने के लिए उनकी माँग बढ़ रही है। जब वहीं काम एक अधिक लागत में होगा तो दूसरी जहह वही काम कम लागत में नहीं हो सकता । इसलिए या तो वह चोरी करेगा या दर बढ़वाएगा। अगर एक सड़क पर ऐसा होता है तो वहाँ जो दूसरे काम चलते हैं उनमें भी ऐसा ही होता है। ठेकेदार आपके विभागों के साथ मिलकर दर बढ़ाते है । मैं भ्रष्टाचार की बात नहीं कहता हूँ उसको न आप बंद कर सते हैं और न मैं बंद कर सकता हूँ और न लोग। ( अगर लेख आपको पसंद आया हो तो कृपया गूगल पर उत्तर प्रदेश स्कूटर क्लब सर्च करे उत्तर प्रदेश स्कूटर क्लब का फेसबुक पेज लाइक करें।)