words per minute

5

PankajSuryavanshi


00:00

Speed

ाजमहल पर विवाद देश को विकास पथ पर ले जाने के जिम्‍मेदार रहनुमाओं की दकियानूसी सोच बताता है। जब युवाओं पर बेरोजगारी हावी हो, तब लाखों लोगों को रोजगार मुहैया कराने वाले ताजमहल पर गंदी राजनीति करना कौन-सी समझदारी है ? ताजमहल जैसी धरोहर का पर्यटन-स्‍थल की सूची से बाहर करना भी कैसी राजनीति है ? केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के मुताबिक ताजमहल से लगभग हर सालाना अठारह से बीस करोड़ रुपये की कमाई हुई। फिर ताज को भारतीय संस्कृति पर कलंक बताकर इतिहास को बदलने की बेतुकी कसरत करने का क्‍या औचित्‍य है ? गीजा के पिरामिड या पीसा की मीनार के खिलाफ अगर कोई नफरत फैलाने की कोशिश करे तो इसे उम्‍मीद के सिवा और क्‍या समझा जाएगा ? दरअसल मुगलों को विदेशी बताकर ताजमहल को धब्बा करार देना ध्रुवीकरण को बढ़ावा देने जैसा है। क्‍योंकि, यहां पर विदेशी की गलत परिभाषा थोपने की कोशिश की जा रही है। अधिकतर मुगल शासक जब भारत में ही पैदा हुए और यहीं की मिट्टी में दफन हुए और जो कुछ अर्जित किया उसे या तो इस देश में लगाया या यहीं छोड़कर मर गए, तो वे विदेश्‍ाी कैसे हो सकते हैं। भारत एक ऐसा देश है जहां सभी को अभिव्‍यक्ति की स्‍वतंत्रता है लेकिन किस मुद्दे पर कितनी बहस होनी चाहिए यह किसी को पता नहीं है। सही अर्थेा में विदेशी तो वे अंग्रेज कहलाए जो हम पर शासन भी करते थे और अवैध रूप से हिन्‍दुस्‍तान के धन को ब्रिटेन ले जाते थे। सवाल है कि क्‍या इतिहास को संकीर्ण नजरिये से देखने से पार्टी को महानता सिद्ध होी है क्‍यों नहीं खुद किया जाए। आप गौर करेंगे तो पाएंगे कि ऐसा केवल वोटों की राजनीति को ध्‍यान में रखकर किया जा रहा है। यहां पर वोटों के नाम पर समाज में जातिगत भ्रष्‍टाचार और जातिगत भावना को भी फैलाया जा रहा है जिससे वोट उनकी पॉकेट में सके। विडंबना यह है कि राजनीतिक नफा-नुकसान के सामने देश का सामाजिक सौहार्द और जायज मुद्दों की अनदेखी की जा रही है। राष्‍ट्रवादी सरकार का अर्थ होता है कि बेरोजगारी, कुपोषण, गरीबी जैसे बुनियादी मुद्दों पर बहस होनी चाहिए कि ऐसे फालतु के मसलों पर यह सभी को ध्‍यान देना चाहिए।
words per minute
0
wpm
accuracy
0%
Text Practice - Time 476 - English

words per minute