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IbneyAli
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जुमे के दिन करने आमाल
1. नाखून तराशना
हज़रत हमीद बिन अब्दुल रहमान रज़ि अ0 अपने वालिद से रिवायत करते हैं जो शख्स जुमे के दिन अपने नाखून काटता है अल्लाह ताअला उससे बीमारी निकाल कर शिफ़ा मे दाख़िल करता है।
2. जुमे की अदायगी के लिए जल्दी निकलना
नबी करीम ﷺ ने इरशाद फरमाया बिला सुबह तुम्हारे लिये हर जुमे के दिन में एक हज और एक उमरा मौजूद है लिहाज़ा जुमे की नमाज़ के लिए जल्दी निकलना हज है और जुमे की नमाज़ के बाद अस्र की नमाज़ के लिए इंतज़ार करना उमरा है।
3. ग़ुस्ले जुमा
हज़रत सय्यदना अबु बक्र सिददीक़ सय्यदना इमरान बिन हसीन रजि0 से रिवायत करते हैं के नबी करीम ﷺ ने इरशाद फ़रमाया जो जुमा के दिन नहाए उसके गुनाह और ख़ताएं मिटा दिए जाते हैं और जब चलना शुरु करे तो हर क़दम पर २० नेकियाँ लिखीं जाती हैं जुमे के दिन गुस्ले जुमा करना सुन्नते मुस्तहाबा है
4. जुमे के पांँच खुसूसी अमाल
हज़रत अबु उमामा रजि0 से रिवायत है के हुज़ूर नबी करीम ﷺ ने इरशाद फ़रमाया जिसने जुमे की नमाज़ पड़ी, उस दिन का रोज़ा रखा, किसी मरीज़ की अयादत की किसी जनाज़े मे हाज़िर हुआ और किसी निकाह में शिरकत की तो जन्नत उसके लिए वाजिब हो गई।
5. जुमे के दिन वालिदेन की कब्र पर हाज़िरी
हुज़ूर नबी करीम ﷺ ने इरशाद फ़रमाया जो शख्स अपने माँ बाप या दोनो या एक की कब्र पर हर जुमे के दिन ज़्यारत को हाज़िर हो, अल्लाह ताअला उसके गुनाह बक्श देगा। और माँ बाप के साथ अच्छा बरताव करने वाला लिखा जाएगा।
6. तिलावत-ए-कुरआन
हज़रत-ए-अबु सईद खुदरी रजि0 से रिवायत है के हुज़ूर नबी करीम ﷺ ने इरशाद फ़रमाया जो शख्स बरोज़-ए-जुमा सूरह-ए-क़ाफ़ पड़े उसके लिए दोनो जुमे के दरमियान नूर रोशन होगा
हुज़ूर नबी करीम ﷺ ने इरशाद फ़रमाया जो शख्स शब-ए-जुमा को सूरह-ए-हामीम अल-दुखान पड़े उसके लिए ७० हज़ार फरिश्ते अस्तग़्फ़ार करते हैं।
7. दुआ
हज़रत अबु हुरेरा रजि0 बयान करते हैं हुज़ूर नबी करीम ﷺ ने इरशाद फ़रमाया जुमे के दिन एक ऐसी साअत है जिसको जो मुसलमान पाए और अल्लाह ताअला से जो भी सवाल करे अल्लाह ताअला उसे अता फ़रमा देता है और यह साअत बहुत थोड़ी देर रहती है।
8. उम्दा लिबास और खुशबू
हज़रत अबु सईद बयान करते हैं हुज़ूर नबी करीम ﷺ ने इरशाद फ़रमाया मुसलमान पर हक़ है जब जुमें का दिन हो तो वो मिस्वाक करे और उम्दा लिबास पहने और उसके पास खुशबू हो तो वो खुशबू लगाए।