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ीन तलाक के पूरे मुद्दे पर केंद्र सरकार के प्रस्‍तावित विधेयक का ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ( एआईएमपीएलबी) ने विरोध किया है। साथ ही बोर्ड ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह इसे वापस ले और सुधार के बाद दोबार पेश करे। बोर्ड ने प्रस्‍तावित बिल को संविधान विरोध, शरीयत के खिलाफ भी बताया है। साथ ही इसे मुस्लिम पर्सनल लॉ में दखलअंदाजी की कोशिश माना है। गौरतलब है कि तीन तलाक को सुप्रीम कोर्ट ने अवैध माना था। इसके बाद केंद्र की मोदी सरकार इस मसले पर कानून लाने जा रही है। इस संबंध में मौजूदा संसद सत्र में बिल पेश किया जाएगा। लेकिन इससे पहले ही ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इस बिल पर चर्चा करते हुए इसे महिला विरोधी बताया है। रविवार को लखनऊ में इस संबंध में पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक हुई। इस बैठक में तीन तलाक पर प्रस्‍तावित बिल को लेकर चर्चा की गई। कई घंटो चली बैठक के बाद बोर्ड ने इस बिल को खारिज करने का निर्णय लिया। ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए खुश खबरी है। यात्रियों को सादे पानी के साथ अब आयुर्वेदिक पानी भी मिलेगा। सेंट्रल रेलवे ने रेल नीर के साथ-साथ आयुर्वेदिक पानी भी देने की योजना तैयार की है। इसके लिए रेलवे और आयुष विभाग ने इस पानी को तैयार किया है। फिलहाल रेलवे द्वारा इस पानी को टेस्‍ट किया जा रहा है। पॉजीटिव रिपोर्ट मिलने के बाद छह माह में ट्रेनों में यह पानी उपलब्‍ध होगा। भाजपा नेता और राज्‍यसभा सांसद सुब्रमण्‍यम स्‍वामी ने अपनी ही पार्टी और केंद्र सरकार पर हमला बोला है। एक अंग्रेजी दैनिक की खबर के मुताबिक स्‍वामी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय सांख्‍यकी संगठन के बड़े अधिकारियों पर दबाव डालकर जीडीपी के अच्‍छे आंकड़े दिखाए गए। ये इसलिए किया गया ताकि लोगों को लगे कि नोटबंदी का अर्थव्‍यवस्‍था पर नकारात्‍मक असर नहीं पड़ा। साथ ही उन्‍होंने कहा कि मूडीज जैसी संस्‍थाओं की रेटिंग पर भरोसा नहीं करना चाहिए। ये पैसे लेकर रिपोर्ट जारी करती हैं। खबर के मुताबिक अहमदाबाद के एक कार्यक्रम में स्‍वामी ने कहा कि उन्‍होंने सीएसओ के डायरेक्‍टर से पूछा, आपने इस तिमाही के लिए जीडीपी के आंकड़े कैसे जारी किए, जबकि नोटबंदी तो नवम्‍बर 2016 को हुई थी।
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