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kameshrathore
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कालेधन पर रोक और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के मकसद से राजनीतिक पार्टियों को अब इलेक्टोरल बॉन्ड से ही चंदा लेना अनिवार्य होगा। भारत पहला देश हो गया है, जिसने चुनवी फडिंग पारदर्शी बनाने के लिए इस तरह के बॉन्ड का मसौदा जारी किया है। ये इलेक्टोरल बॉन्ड किस तरह के होंगे इसका ऐलान सरकार ने मंगलवार को कर दिया है। ये बॉन्ड 1 हजार, 10 हजार, 1 लाख, 10 लाख और 1 करेाड़ के होंगे। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसका मसौदा जारी करते हुए बताया कि इलेक्टोरल बॉन्ड बेयरर बॉन्ड होंगे जो ब्याज मुक्त होंगे। ये बॉन्ड एसबीआई के चुनिंदा ब्रांच में मिलेंगे। केवाईसी पूरा होने के बाद ही खरीद सकेंगे। खरीदार को बैंक अकाउंट से पेमेंट करना होगा। इससे राजनीतिक पार्टी के बैंक खाते में पैसे आएंगे। जेटली ने कहा कि चुनावी बॉन्ड्स को अंतिम रूप दे दिया गया है और इस व्यवस्था के शुरू होंने से देश में राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे की पूरी प्रक्रिया में काफी हद तक पारदर्शिता आएगी। उन्होंने कहा कि भारत का कोई भी नागरिक या संस्था ये बॉन्ड्स खरीदने के योग्य होगी।
नगरीय निकाय चुनाव में टिकट बंटवारे के साथ ही भाजपा में बगावत शुरू हो गई। टिकट न मिलने पर महिला भाजपा नेता रेलम चौहान ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। धार में भाजपा नेता अशोक जैन ने बगावत कर निर्दलीय पर्चा दाखिल किया है। इस बीच, भाजपा ने शेष चार नगर परिषदों के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार भी घोषित कर दिए।
महाराष्ट्र में 200 साल पहले पुणे में हुए भीमा-कोरेगांव युद्ध की बरसी मनाने पर संग्राम छिड़ गया है। दलित और मराठा समुदाय के बीच छिड़े इस जातिगत संघर्ष की शुरुआत भीमा, पाबल और शिकरापुर गांव से हुई। सोमवार को इस विवाद में पुणे से करीब 30 किलोमीटर दूर अहमद नगर हाईवे पर पेरने फाटा के पास झड़प में एक शख्स की मौत हो गई। इसके विरोध में मंगलवार को महाराष्ट्र के 13 शहरों में प्रदर्शन हुए। पुणे, मुंबई, औरंगाबाद में हिंसा भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने वाहनों और दुकानों को अपना निशाना बनाया और दुकानों में जमकर तोड़फोड़ की। बसों में भी तोड़फोड़ की गई। हिंसा और तनाव से सबसे ज्यादा प्रभावित मुंबई का चेंबूर और मुलुंड इलाका रहा। महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडण्वीस ने न्यायिक जांच कराने और मृतक के परिजनों को दस लाख रुपए मुआवजा देने के आदेश दिए हैं।