words per minute
17
AbhilekhPratapSingh
00:00
Speed
उत्तर प्रदेश पुलिस के पुलिस के मुखिया के पद से मुक्त होने के बाद पहली बार अपने पैतृक गांव जौहरपुर के मजरा पचासा कूरा पहुंचे पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह का कहना है कि पुलिस पर आंकड़ों व केस खोलने का दबाव बनाना गलत है। इसी के चलते केस न दर्ज होने व गलत खुलासे के मामले सामने आते हैं। पुलिस को भी सुसभ्य व्यवहार करना चाहिए क्योंकि जब तक लोगों को आजादी का एहसास नहीं होगा तब तक पुलिस की छवि ठीक नहीं हो सकती है। हालांकि पुलिस कर्मियों को भी वेतन विसंगति, आवास व विश्राम जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
दैनिक जागरण से बातचीत में उन्होंने कहा कि आंकड़ों को लेकर जब दबाव बनता है तो पुलिस केस दर्ज करना कम कर देती है, जिसका खामियाजा आम आदमी को भुगतना पड़ता है। बोले, आंकड़ों को लेकर मैं कभी सहमत नहीं रहा। पुलिस को अपने तरीके से काम करने दिया जाए तो सब ठीक होगा। दुनिया के ज्यादातर देशों में तीस से चालीस फीसद मामले बिना वर्कआउट के रह जाते हैं। यहां जब दबाव पड़ता है तो गलत खुलासे कर दिए जाते हैं। कहा कि पुलिस भी जनता के साथ अच्छा व्यवहार करे। जब तक सरकारी संस्थाएं लोगों को सम्मान नहीं देंगी तब तक उन्हें आजादी का एहसास नहीं होगा। इसके लिए विभागीय स्तर पर तो पुलिस को जागरूक किया जाता है, मीडिया और सामाजिक संस्थाओं को भी पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों को विश्राम की पहल उन्होंने की थी। यदि वह लागू हो जाए तो पुलिस कर्मियों को काफी सहूलियत मिलेगी।