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vikidubey
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आज देश के अंदर क्या हो रहा है, जनता सब कुछ देख रही है, पिछले दिनों कलकत्ता में आयाेजित कांग्रेस अधिवेशन में हुयी अनुशासन हीनता से देश व प्रदेश की जनता क्या सीखेगी। स्टेशन पर मची भगदड़ में दर्जनों लोग घायल हुये और अस्पताल में भर्ती हो गये परन्तु अधिवेशन में इस बात का जिक्र तक नहीं किया गया कि भगदड़ क्यों हुई? यह तो ठीक है पर ध्यान देने की बात तो यह है, कि इस अधिवेशन में 1300 बावर्ची खाना बनाने में लगे थे और सभी प्रदेशों के स्वादिष्ट व्यंजनों को बनाया गया था फिर भी कार्यकर्ताओं ने आदतन फल बाजार जाकर दुकानें लूटी इससे सिद्ध हो गया कि ये अधिवेशन किसी अनुशासित पार्टी का नहीं बल्कि लुटेरों का अधिवेशन है।
दूसरी और रुष्ट वरिष्ठ कार्यकर्ता सुश्री ममता बेनर्जी ने एक अलग मंच का संबोधन करते हुए वहां जाकर जो भाषण दिया, उसे भीषण भीड़ ने ध्यानपूर्वक सुना। और कांग्रेस का एक विधिवत आयोजित हो गया। यह बात और है कि इस अधिवेशन में सोनिया गांधी की तस्वीर टांगी गयी क्योंकि उन्होंने इस अधिवेशन में अपनी उपस्थिति जताने की मौन सहमति दे दी थी।
इस अधिवेशन का महत्व इस दृष्टि से अधिक है कि इसमें पूर्व प्रधानमंत्री श्री नरसिन्हा राव द्वारा निकाले हवाला मंत्री सिन्धिया, अर्जुनसिंह को पार्टी में शामिल कर मंच पर बोलने की अनुमति प्रदान की।