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IndreshkumarMaurya
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सर्वोच्च अदालत की तरफ से गठित निगरानी समिति भी इन प्रस्तावों को ठीक नहीं मानती। यों भी दिल्ली काफी अनियोजित बसी हुई है। तेजी से आबादी बढ़ने से इसका अनियोजित बसाव और विकट रूप ले चुका है। छोटी-छोटी अनगिनत दुकानों पर कोई नियंत्रण नहीं है। इस सब से निपटने के लिए जो मास्टर प्लान बनाया गया अब उसमें संशोधन की बात की जा रही है, ताकि सीलिंग का कोई वैधानिक आधार न रहे। लेकिन पार्किंग की समस्या और यातायात जाम से छुटकारे का उपाय किए बगैर मास्टर प्लान में संशोधन दु:स्वप्न साबित हो सकता है।
शहरी नियोजन के विशेषज्ञों का कहना है कि रिहाइशी तथा व्यावसायिक क्षेत्रों से संबंधित नियम-कायदों में कुछ अंतर तो होना ही चाहिए। अगर दोनों के लिए समान एफएआर होगा, तो रिहाइशी क्षेत्रों की शांति में स्थायी खलल पड़ जाएगा। दिल्ली के लिए आजादी से पहले भी कई मास्टर प्लान आए, और आजादी के बाद भी बने। लेकिन आबादी बढ़ते जाने व अनियोजित बसाहटों के कारण नागरिक सुविधाओं की पहुंच, पार्किंग और आवाजाही की समस्या बढ़ती गई है। अब तो दिल्ली में वायु प्रदूषण भी एक विकराल समस्या बन गया है। ऐसे में, जरूरत केवल कुछ तात्कालिक उपायों या राहत के कुछ कदमों की नहीं, बल्कि एक दीर्घकालीन दृष्टि और मुकम्मल योजना की है।
उत्तर प्रदेश में सत्ता बदलते ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का चरित्र और स्वरूप भी बदल गया है। पहली बार ताज महोत्सव में मुगल संस्कृति की जगह भगवान राम पर आधारित नृत्य नाटिका का मंचन होने जा रहा है। 18 से 27 फरवरी तक आगरा के शिल्पग्राम में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तय कर दी गई है। कार्यक्रम के मुताबिक राज्य के राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को समारोह के उद्घाटन के लिए निमंत्रण भेजा गया है। उद्घाटन सत्र में ही श्रीराम भारती कला केंद्र के कलाकार भागवान राम के जीवन पर आधारित नाटिका का मंचन करेंगे। अन्य दिनों में लोकगीत समेत कई तरह के कार्यक्रम होंगे।