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IndreshkumarMaurya
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चर्चा में भाग लेते हुए जहां मुस्लिम पैनलिस्टों ने कुरान का मंचन कराने की मांग की वहीं, बीजेपी समर्थित और आरएसएस विचारक राकेश सिन्हा ने इसे भारतीय संस्कृति का अक्षुण्ण पल बताया। हालांकि, वरिष्ठ पत्रकार रामकृपाल सिंह ने इसे विशुद्ध राजनीति करार दिया है। उनके मुताबिक यह सिर्फ राजनीतिक नफा-नुकसान के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब वो बच्चे थे तब शादियों में गांव के लोग देवी-देवताओं का पूजन करने के बाद पीर बाबा की मजार पर भी माथा टेका करते थे। यह गंगा-जमुनी तहजीब थी लेकिन आज रहीम और तुसली के बीच भी लड़ाई लगाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने इसके लिए सिर्फ राजनेताओं को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पहले समाज में कोई खाई नहीं थी लेकिन आज की तारीख में सामाजिक वैमनस्यता घर कर गई है। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण से वो दुखी हैं। सिंह ने कहा कि जब दूध उबल रहा हो तो उसे शांत करने के लिए आंच कम कर देते हैं लेकिन यहां आंच और तेज की जा रही है।
बता दें कि ताज महोत्सव में 19 फरवरी को लोक गायिका मालिनी अवस्थी का कार्यक्रम निर्धारित है जबकि 20 फरवरी को बॉलीवुड नाइट का कार्यक्रम है। 21 फरवरी को कव्वाली गायक असलम साबरी तो 22 फरवरी को पुणे का ब्लैक एंड व्हाइट ग्रुप पुराने गीतों पर आधारित कार्यक्रम पेश करेगा। 23 फरवरी को मुशायरा और 24 फरवरी को कवि सम्मेलन होना तय किया गया है। 25 से 27 फरवरी तक बॉलीवुड के कलाकार भाग लेंगे लेकिन इसमें कौन-कौन शामिल होगा यह अभी तय नहीं हो सका है। 18 से 27 फरवरी तक आगरा के शिल्पग्राम में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तय कर दी गई है। कार्यक्रम के मुताबिक राज्य के राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को समारोह के उद्घाटन के लिए निमंत्रण भेजा गया है।