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NeerajNayak


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देश में मुख्‍य पहचान पत्र के रूप में नम्‍बर एक पर होने के कारण आधार कार्ड काफी सुर्खियों मे रहा है। पिछले कई दिनों से आधार कार्ड के कई मुद्दे सामने आये है। वह चाहे दिल्‍ली में इलाज कराने वाली महिला का हो या बिहार की उस गरीब महिला का जिसे आधार कार्ड होने कि स्थिति में राशन का सामान नहीं मिला था और भूख के कारण उसकी बेटी संतोषी ने दम तोड़ दिया था। तो इन सारे मुद्दों ने इतना जोर पकड़ा कि सरकार भी सोचने के लिए मजबूर हो गई। आखिर गलती किसकी है उस अस्‍पताल वालों कि जिन्‍हें बिना पहचान पत्र के इलाज देने की अनुमति नहीं। या उस राशन वाले की जिसे सरकार ने आधार के साथ बांध रखा है। तो दोस्‍तों वास्‍तव में गलती उन दोनों में से किसी की भी नहीं थी। गलती तो समझने में हुई थी। गलती सरकार से हुई थी जिसने सारे नियम तो बताए थे कि आधार कार्ड किसी भी आधार केन्‍द्र से बिल्‍कुल फ्री में बनवाएॅं। लेकिन सच पूंछो तो कौन सा आधार केन्‍द्र है जो फ्री मे आधार कार्ड बनाता है। तब उत्‍तर नकारात्‍मक ही मिलेगा। ऐसे मे हमे सजग होने की जरूरत है। जरूरत है हमें आवाज उठाने कि क्‍योकि दोस्‍तो आज का दौर में झूठ की दुनिया जिस तरह से तरक्‍की कर रही यदि हम और आप अपनी तरक्‍की मे कमी कर गये तो निश्चित रूप से हम पिछड़ जाएंगे। आज के दौर में जिस तरह से साइबर खतरा बढ़ रहा तो भी हमें अपनी सुरक्षा के लिए अपनी जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए आधार कार्ड बहुत जरूरी है। तब हमें कैसे भी करके सरकार कि इस पहल में साझा होकर अपने विकाश और तरक्‍की के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए। इसी पहल को देखते हुए सरकार ने भी घोषणा कर दी है कि आधार का कोई भी कटिंग हिस्‍सा हो वह हर उस जगह मान्‍य रहेगा जहां आप से आधार कार्ड की मांग की जाएगी। तो आइये अपने सपनों के भारत का अरमान हम अपने दिलों से निकाल कर इस भूमि पर साकार रूप में संजोए। जयतु मे भारतम। वन्‍दे मातरम।
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