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ashishMishra1541554
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मेरे मानवता का यह दुर्भाग्य रहा है कि विश्व शांति एव मानव जाति के कल्याण के लिए जब भी कोई मसीहा अवतरित हुआ है तब ही किसी न किसी आतताई ने जन्म लेकर इन मसीहाओं के कायों नाम और जीवन को मिटाने के प्रयास किये है जैसे सूर्य का जन्म हुआ ईश्वर ने केतु का भी निर्माण कर दिया, पर जिस प्रकार ग्रहण लगने के बाद सूर्य का प्रकाश उज्जवल होकर प्रकाशित होता है वैसे ही इन मसीहाओं की , इन देवताओं की वाणी, इनकेक उपदेश इनकी शिक्षाएें इनके शुभ कार्य और अधिक प्रकाशित होते गये। ईसा को सूल पर लटका दिया गया। गांधीजी को गोली मार दी गई लिंकन और कैनेड़ी के लिए मौत के द्वार खोल दिये गये मगर इनकी शिक्षाएं, इनके कार्य, इनके विचार आज भी इतने दैदीप्यमान है- जितना सूर्य का प्रखर प्रकाश।