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पंचायतें जनतन्त्रीय शासन व्यवस्था शासन की पहली सीढी है। प्रदेश सरकार का इस बात में गहरा विश्वास है कि जनता के लाभार्थ किसी भी योजना की शुरूआत जनतंत्र के बुनियादी ढाचे से होनी चाहिए। किसी भी योजना या कार्यक्रम की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि जनता का उसमें कितना विश्वास है और कहां तक उसका सहयोग मिल सकता है और समर्थन मिल रहा है। इसी उद्देश्य से वर्तमान सरकार द्वारा ग्राम प्रधानों और ब्लाक प्रमुखों के चुनाव जो एक लम्बी अवधि से किन्हीं कारणों से नहीं हो पाये थे, कराये गये। ग्राम प्रधानों का यह चुनाव जिसमें लगभग 4 करोड़ 42 लाख मतदाताओं ने भाग लिया, गांव स्वर के बुनियादी जनतंत्र का सम्भवत: संसार का सबसे बड़ा चुनाव था जो स्वयं में एक बड़ी उपलब्धि है। ग्रामीण जनता की खुशहाली और ग्रामीण अर्थ-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उदेश्य से 20 सूत्रीय कार्यक्रम और विशेष रूप से एकीकृत गाम्य विकास योजना की सफलता के लिए वर्तमान सरकार ने इन योजनाओं में ग्राम प्रधानों का सक्रिय सहयोग प्राप्त करने का निर्णय लिया गया तथा इन योजनाओं का लाभ, पात्र और जरूरतमंद लोगों को मिले, यह सुनिश्चित करने लिए शासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि एकीकृत ग्राम विकास योजनाओं के लिए सही लाभार्थियों का चयन गांव सभाओं की खुली बैठकों में किया जाय। पंचायत राज संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण और उनकी आय में वृद्धि करने के लिए एक प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत चालू वित्तीय वर्ष में 2 लाख 88 हजार रुपये की धनराशि की स्वीकृति दी गई है।