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laxmisahu
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हाल ही एक भयानक दुर्घटना में ऑटो में सवार 9 लोगों ने मध्यप्रदेश की एक सड़क पर जान गंवा दी। यह हादसा कहां हुआ और सड़क कौन सी थी इस पर गौर करने से ज्यादा यह गौर करना है कि ऑटो में ओवर लोड होकर सवारी करने के लिए लोग क्यों मजबूर हैं। केवल एक दो नहीं ग्रामीण अंचलों में ऐसे बहुत से कस्बे और गांव हैं जहां परिवहन के साधन न के बराबर हैं। ऐसे में जीप या ऑटो में कुछ लोगों ने वहां परिवहन व्यवस्थाएं अपने हाथ में ले रखी हैं। इन जीप और ऑटो में क्षमता से ज्यादा सवारियां भरकर लाई ले जाई जाती हैं। पिछले कुछ सालों में जितने भीषण हादसे हुए हैं उनमें से जयादा मौतें ओवरलोडिंग के कारण हुई हैं। हादसे की वहज जो भी रही हो लेकिन मौतों की संख्या ओवरलोडिंग के कारण ही बढ़ी। मध्यप्रदेश में परिवहन की सरकारी व्यवस्था खत्म करने के बाद से अब तक यहां परिवहन व्यवस्थाएं काम चलाऊ की तर्ज पर अंजाम दी जा रही हैं। ग्रामीण परिवहन के प्रति किसी का ध्यान नहीं है। ग्रामीण परिवहन की बात आते ही अधिकारी रटा-रटाया जवाब दे देते हैं कि वहां का परमिट लेने ही कोई नहीं आता है। अधिकारी गलत नहीं कर रहे क्योंकि निजी ऑपरेटर्स सिर्फ उन शहरों के बीच बसें दौड़ाना चाहते हैं जहां ट्रैफिक ज्यादा है। देशी भाषा में इसे मलाईदार रोडों पर वाहन दौड़ाना कहते हैं।