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AmarVerma3238


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्रीनगर में हिंसक प्रदर्शन सीआरपीएफ की कार के नीचे आने से घायल एक पत्थरबाज की मौत के बाद नए सिरे से हिंसक प्रदर्शन होना और उसमें सबसे बर्बर आतंकी संगठन आइएस के झंड़े लहराना और सुरक्षा बलों पर पथराव करना इसलिए हैरान करता है कि यह सब रमजान के पवित्र महीने में तब हो रहा जब केंद्र सरकार ने सेना को आतंकियों के खिलाफ अपने अभियान स्थगित करने के निर्देश दे रखे हैं। ऐसे में निर्देश इसीलिए दिए गए ते ताकि कश्मीर के लोग रमजान में कुछ राहत महसूस कर सकें। दुर्भाग्य से इसका उल्टा हो रहा है। तो आतंकी अपनी हरकतों से बाज रहे हैं और ही उनका समर्थन करने वाले पत्थरबाज। आतंकवाद और अलगाववाद के समर्थक शरारती तत्व केंद्र सरकार की सद्भावना का जवाब किस तरह दे रहे हैं, इसका पता इससे चलता है कि वे रमजान के दौरान भई माहौल बिगाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे है। कायदे से कश्मीर में शुक्रवार को भी श्रीनगर में नमाज के बाद शरारती तत्वों ने सीआरपीएफ की एक जिप्सी को देखते ही उस पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। उसमें सवार जवान किसी तरह जान बचाकर भागं, लेकिन जब ड्राइवर ने खून की प्यासी भीड़ से बच निकलने की कोशिश की तो जिप्सी पर जबरन चढ़े दो पत्थरबाज उसके नीचे गए। उन्ही में से एक की मौत हो गई। इस मौत के लिए जिप्सी चला रहे सीआपीएफ जवान से ज्यादा दोष तो पत्थरबों की पगलाई भीड़ का है। ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार और खासकर राज्य सरकार इस बुनियादी बात को समझने के लिए तैयार ही नहीं कि हिंसा फैलाने के लिए पगलाए से फिरने वाले पत्थरबाज कश्मीर के अमन-चैन के सबसे बड़े दुश्मन बन गए हैं। यह जाने कबसे स्पष्ट है कि पत्थरबों पर लगाम लगाए बिना कश्मीर में अमन-चैन की बहाली संभव नहीं, लेकिन पता नहीं क्यों मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती उनके प्रति नरमी बरतने और यहां तक कि उन्हें माफई देने के लिए तत्पर रहती है? कश्मीर के पत्थरबाज केवल अपराधियों के गिरोह में तब्दील हो गए हैं। बल्कि वे आतंक का पर्याय भी बन गए हैं। पिछले कुछ समय से वे निरीह लोगों और यहां तक कि पर्यटकों को भी निशाना बना रहे हैं। वे आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों के काम में खलल डालने के लिए भी खासे कुख्यात हैं। पत्थरबाजों से धिरे सीआपीएफ को वाहन ने अनियत्रित होकर जिस तरह एक पत्थरबाज को कुचल डाला उसी तरह कुछ समय पहले सुरक्षा बलों के दो जनाव भई इस इसी तरह कुचल कर मारे गए थे। तब मरने वाले जनाव थे इसलिए कश्मीर में कुछ नहीं हुआ और अब जब एक पत्थरबाज और जब एक पत्थरबाज की मौत हो गई तो हंगामा हो रहा है।
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