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shubham_baxer
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आरक्षी केंद्र चंदेरी, जिला अशोकनगर द्वारा आरोपीगण के विरूद्ध यह अभियोग पत्र अंतर्गत भारतीय दण्ड विधान की धारा 289, 294, 323, 506बी, 34 के विचारण हेतु प्रस्तुत किया गया है। प्रकरण में आरेापीगण की गिरफ्तार व पहचान स्वीकृत तथ्य हैं। प्रकरण में उल्लेखनीय है कि आरोपीगण का फरियादी एवं आहत से राजीनामा हो गया है जिसके फलस्वरूप आरोपीगण को भारतीय दण्ड विधान की धारा 294, 323/34-2 शीर्ष, 506बी के आरोप से दोषमुक्त किया जा चुका है। यह निर्णय भारतीय दण्ड विधान की धारा 289-2 शीर्ष के संबंध में पारित किया जा रहा है। अभियोजन की कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि मामले के फरियादी राजू ने दिनांक 28 दिसम्बर 2014 को आरक्षी केंद्र चंदेरी में इस आशय की रिपोर्ट लेखबद्ध कराई की घटना दिनांक को उसका लडका अनिल व उसके चाचा का लडका सतेंद्र स्कूल से घर आ रहे थे। रास्ते में संतुआ का पालतू कुत्ता जयराम के घर के सामने रास्ते में बैठा था। उसके लडके अमित व चाचा के लडके सतेंद्र को कुत्ते ने काट लिया। जब उसने यह बात संतुआ के घर जाकर उसे बताई एवं इलाज कराने को कहा तब संतुआ उसे मां-बहन की बुरी-बुरी गालियां देते हुये बोला कि आजा तेरा इलाज कराता हूँ और लाठी से मारपीट की जिससे चोटे आईं। उसकी पत्नी राककुंवर बचाने आई तो संतुआ के चचेरे भाई हीरालाल ने उसकी पत्नी रामकुंवर को लाठी से मारपीट की। फरियादी की रिपोर्ट के आधार पर आरोपीगण के विरूद्ध भारतीय दण्ड विधान की धारा के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध की गयी।