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shubham_baxer
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अभियुक्तगण के विरुद्ध धारा 379 भारतीय दण्ड संहिता के अंतर्गत आरोप है कि उन्होंने दिनांक 8.08.15 की दरम्यानी रात्री मोहनगढ़ में फरियादी वसीम खां के बेडा से उसके आधिपत्य की चार भैसे कीमत लगभग एक लाख बीस हजार रुपये उसकी सहमति के बिना बेईमानीपूर्वक आशय से ले लेने के लिये हटाकर चोरी की।
अभियोजन कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि फरियादी वसीम खां दिनांक 08.08.2015 की रात को खाना-पीना खाकर बच्चों के साथ अपने घर में सौ रहा था, उसकी चार भैसे घर के पास खुले बेडा में बंधी थी, रात करीब दो-ढाई बजे जब वह पेशाब करने उठा तो बेडा में भैसे नहीं थी, गांव के बाहर जाकर देखा तो चार लोग भैसों को लिये जा रहे थे, उनका पीछा किया तो दो लोगों की पहचान की जिनमें अभियुक्त मुन्ना व राजू थे, उनके पास कुछ हथियार दिखने से डर के कारण इसने उनका पीछा नहीं किया। सुबह यह अभियुक्तगण के पास उनके गांव नंदनवारा गया और उनसे कहा कि इसकी भैसे इसे वापिस दे दे तो अभियुक्तगण ने कहा कि भैसे उनके पास हैं नहीं देंगे जिसे जो दिखे सो करे।
उपरोक्त विषयान्तर्गत अनावेदिका की विनय सादर निम्नलिखित है कि घटना दिनांक 25.05.2015 के दोपहर 12 बजे लगभग प्रार्थिया घर पर अकेली थी उसका पति बच्चों के साथ घर-गृहस्थी के सौदा-सामान लेने दुकान पर गया था। आवेदिका के घर के अन्य सदस्य घर से बाहर गये हुये थे। प्रार्थिया घर पर अकेली थी जिसे अनावेदक हेतु अहिरवार जो कि प्रार्थियों को घर पर अकेला देख घर में घुस गया।