words per minute
13
sureshtiwari
00:00
Speed
वैज्ञानिक समझ और अपनी असाधारण जिजीविषा के लिए विख्यात महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग का निधन पूरी दुनिया के लिए अपूरणीय क्षति है। भले ही उनके जीवन पर विराम अब लगा हो, लेकिन उनकी पूरी जिंदगी ही मौत को चुनौती देते हुए ही बीती । महज 22 साल की उम्र मे उन्हें मोटार न्यूरॉन नामक लाइलाज बीमारी हो गई थी जिसकी वजह से उनके शरीर ने धीरे-धीरे काम करना बंद कर दिया। तब डॉक्टर ने कहा था कि हॉकिंग दो साल से ज्यादा जीवित नहीं रह पाएगे लेकिन उन्होने न केवल डॉक्टरो की उस आशंका को धात बता दिया बल्कि विज्ञान के जटिल और गूढ़ सहस्य को दुनिया के सामने रखा। हॉकिंग ने ब्लैक होल और बिग-बैंग सिद्धांत को समाझाने मे अहम योगदान दिया। कई बड़े पुरस्कारो के साथ ही उन्हे अमेरिका का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भी दिया गया। उन्हें मशहूर पुस्तक ए-ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम, कालजयी किताबो मे शामिल की जाती है। वह कैब्रिज यूनिवर्सटी में सैद्धांतिक ब्रहम्माड विज्ञान भौतिकशास्त्री के तौर पर कार्यरत थे। हैरानी की बात यह है कि उनके दिमाग को छोड़कर शरीर का कोई भी भाग पूरी क्षमता से काम नहीं करता था। इसकी वजह से वह हमेशा व्हीलचेयर पर कंप्यूटर और विभिन्न तरह के गैजेट्स के जरिये ही अपने विचार व्यक्त करते थे।
उनकी सबसे प्रमुख उपलब्धियो मे ब्लैकहोल का उनका सिद्धांत है। ब्लैक होल के संबंध में हमारी वर्तमान समझ हॉकिंग के सिद्धात पर ही आधारित है। वर्ष 1974 मे ब्लैकहोल इतने काले नहीं- शीर्ष से प्रकाशित हॉकिगं के शोध पत्र ने सामान्य सापेक्षता सिद्धांत और क्वांटम भौतिकी के सिद्धांतो के आधार पर यह दर्शाया कि ब्लैक होल अल्प मात्रा में विकिरण उत्सर्जित करते है। हॉकिंग ने यह भी प्रदर्शित किया कि ब्लैक होल से उत्सर्जित होने वाला विकिरण क्वाटम प्रभाव के कारण धीरे-धीरे बाहर निकलता है। यह हॉकिंग विकिरण प्रभाव कहलाता है। इस विकिरण प्रभाव के कारण ब्लैक होल अपना द्रव्यमान धीरे-धीरे खोने लगते है और उनमे ऊर्जा का भी क्षय होता है। यह प्रक्रिया लंबे अंतराल तक चलने के बाद आखिरकार ब्लैक होल बहुत तेजी से विकरण का उत्सर्जन करते वाष्प बन जाते है। ब्रह्माण उत्पत्ति लगभग 13.8 अरब साल पहले बिग-बैंग से हुई लेकिन किसी को यह नहीं पता था कि ब्रह्माण से पहले क्या था। हॉकिंग ने दावा किया कि बिग बैग से पहले सिर्फ एक अनंत ऊर्जा और तापमान वाला एक बिंदु था।
हॉकिंग के अनुसार हम आज समय को जिस तरह महसूस करते है ब्रहम्माड के जन्म से पहले का समय ऐसा नहीं था। इसमे चार आयाम थे। उन्होने बताया था कि भूत भविष्य और वर्तमान को तीन समानांतर रेखाए समझे तो उस वक्त एक और रेखा भी मौजूद थी जो ऊध्वर्धर थी। उसे आप काल्पनिक समझ सकते है, लेकिन हॉकिंग ने काल्पनिक समय को हकीकत बताया। उनका कहना था कि कल्पनिक समय कोई कल्पना नहीं है बल्कि यह हकीकत है। हां आप इसे देख नहीं सकते लेकिन महसूस जरूर कर सकते है। ब्रहम्माड के रहस्यों को समझने के लिए ए ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम के अलावा भी उन्होने द ग्रैड डिजाइन यूनिवर्स इन नटशेल माई ब्रफ हिस्ट्री , द थ्योरी ऑफ एवरीथिंग जैसी कई महत्वपूर्ण किताबे लिखीं। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगता है कि जब पिछले साल कैब्रिज विश्वविघ्यालय की वेबसाइट पर इनकी पी.एच.डी. का शोध पत्र अपलोड किया गया तो कुछ ही समय मे साइट ठप हो गई क्योकि एक ही वक्त मे तमाम लोग उस शोध को डाइनलोड करने मे जुटे थे।
मूर्ख होना उतना गलत नही जितना विद्वान होने का गुमान है।