words per minute
16
AnujKumar1460149
00:00
Speed
घर के देरी लांघ कामकाजी क्षेत्र में कदम रखने वाली महिलाओं के अंदर आज सबसे बड़ा डर यह है कि कहीं किसी कारण उनसे उनका काम न छीन लिया जाए। कहीं उनकी नौकरी न चली जाए। इसके लिए वे कई बंदिशें झेलती हैं। दुकानों-फैक्ट्रियों में तकरीबन अमानवीय स्थितियों में काम करती हैं। अपने अधिकारों को जानकर भी प्राय: अनजान बनी रहती हैं। लेकिन इधर केरल की कुछ महिलाओं ने एक यूनियन-असांगधादित मेखला तोझिलाली संघ बनाकर और काम के दौरान खाली वक्त में सीट पर बैठने के अधिकार पर केरल सरकार को कानून बनाने में बाध्य करके साबित किया है कि अगर उनकी जिंदगी में तब्दीली आई है तो उनकी जरूरतों और उन्हें देखने-समझने का ढर्रा भी बदलना होगा। असल में, करेल का मामला यह है कि वहां उत्तर भारत के उलट ज्यादातर दुकानों में ग्राहकों को सामान दिखाने और रेस्तरां में भोजन परोसने आदि का काम महिलाएं ही करती हैं।