words per minute
4
VivekSingh2624
00:00
Speed
वेसे यह विडंबना कोई नई नही है। यह ऐसी समस्या नहीं है , जो अंग्रेजों या अंग्रेजी के साथ आई हो। ज्ञान-विज्ञान के प्रशासन की भाषा और लोक भाषा के बीच का अंतर भारत में काफी समय से रहा है, शायद सदियों से। और जहाँ ज्ञान - विज्ञान के प्रशासन की भाषा हिन्दी बनाने की कोशिश हुई है, वहाँ एक ऐसी हिन्दी सामने आई है, जो कुछ भी हो , लोक भाषा नहीं है। इसे अच्छी तरह समझना हो , तो उत्तर- प्रदेश के किसी कल कारखानें में चले जाइये । वहाँ नियम यह है कि मजदूरों व कर्मचारियों से संबंधित कानूनों को हिन्दी में लिखकर दीवार पर चिपकाना होगा, ताकि कर्मचारी उन्हें आसानी से पढ़ सकें । लेकिन पढ़ सकने का सच यह है कि मजदूर या कर्मचारी तो दूर , हिन्दी भाषा में पीएचडी करने वाला भी उस भाषा को पढ़कर समझ नहीं सकता । एक दूसरा उदाहरण दिल्ली मेट्रो है , जहाँ हर कुछ देर बाद यह उद्घोषणा होती है - दृष्टिबाधित व्यक्तियों हेतु बने स्पर्शणीय पथ पर न चलें । शासन प्रसाशन के लेिए हिंदी के इस्तेमाल पर जोर देने वालों ने हमें जो अनुवाद की भाषा दी है, उसने दरअसल अंग्रेजी की सत्ता को ही मजबूत करने का काम किया है ।
लेकिन हिन्दी लोकभाषा बनी रहने के साथ ही ज्ञान-विज्ञान और शासन प्रसाशन की भाषा भी बने, यह हिन्दी क्षेत्र का पुराना सपना है। हर साल हिन्दी दिवस पर दरअसल इसी सपने को दोहराने व संकल्प बनाने के सोच के साथ आता और चला जाता है। इस दिन हम हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने की बात करते तो हैं , उसे विश्व भाषा बनाने के लिए भी जुट जाते हैं। वैसे, हिन्दी एक अर्थ में विश्व भाषा तो है ही, यह दुनिया चौथी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा भी है और इस मामले में अंग्रेजी से थोड़ा ही नीचे है। लेकिन जब यह तर्क दिया जाता है, तो बात दरअसल इसे अंग्रेजी की तरह प्रभावी भाषा बनाने की की होती है , वरना अंग्रेजी भी तीसरे नंबर की बोली जाने वाली भाषा है ही है। उससे ऊपर चीन की मंदारिन और स्पेनिश हैं , हिन्दी दिवस पर हम इन भाषाओं की बात कभी नहीं करते हैं।
यहाँ यह जान लेना जरूरी है कि पिछले तकरीबन दो सौ साल में अंग्रेजी दुनिया की इतनी प्रभावी भाषा कैसे बन गई । इसका एक श्रेय अंग्रेजी साम्राज्यवाद को दिया जाता है, हालाँकि यह आधा ही सच है। सही गलत जो भी तरीका अपनाया गया हो, पर एक दौर में अंग्रेजी समाज इतना ताकतवर हो गया कि दुनिया के एक बहुत बड़े हिस्से में अपना सिक्का चलाने की स्थिति में आ गया