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SatendraSingh2
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यह क्लेम आवेदन आवेदकगण की ओर से मोटर यान अधिनियम 1988 की धारा 166 के अंतर्गत दिनांक 09.01.2005 को पुलिस थाना कटीला क्षेत्र में रामघाट पर हुई वाहन दुर्घटना में आवेदक क्रमांक 1 के पति व आवेदक क्रमांक 2 लगायत 7 के पिता बृजेश की मृत्यु के संबंध में कुल क्षतिपूर्ति राशि 40000 रुपए प्राप्ति हेतु प्रस्तुत किया गया। क्लेम प्रकरण, संक्षेप में इस प्रकार है कि घटना 09.01.2005 को मृतक रमेश खेत में बोवनी हेतु मूंगफली लेने हिम्मतगढ़ गया था और वापस आ रहा था कि उसका परिचित चंदन अनावेदक क्रमांक 1 तूफान जीप क्रमांक एम.पी.-45-बीबी-0751 लेकर मिल गया, जिसमें बैठकर वह अपने गांव आ रहा था कि रास्ते में हिम्मतगढ़ घाट पर अनावेदक क्रमांक 1 ने उक्त तूफान जीप को तेजी व लापरवाही से चलाया, जिससे रमेश जीप में से गिर गया, उसे सिर, हाथ-पैर में गंभीर चोटें आयी, अनावेदक क्रमांक 1 चंदन ने रमेश को रामा अस्पताल में छोड़ा और भाग गया, रमेश को इलाज हेतु दाहोद ले गये, जहां से बड़ौदा ले जा रहे थे कि रास्ते में उसकी मृत्यु हो गई, रमेश का पोसटमार्टम सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, रामा में किया गया, दुर्घटना की रिपोर्ट होने पर अनावेदक क्रमांक 1 के विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। आवेदकगण यह भी अभिवचन है कि रमेश दुर्घटना के समय 40 वर्ष आयु का होकर मकान बनाने में कारीगर का काम करता था गुजरात राज्य व गांव में मकान बनाने का काम करता था, जिससे उसे 500 रुपए प्रतिदिन वेतन देता था तथा शेष समय वह अपनी कृषि भूमि में काश्त कर 30000 रुपए प्रतिवर्ष कमाता था, जिससे आवेदकगण वंचित हो गये। आवेदकगण को खेती करने के लिए 150 रुए रोज में मजदूर रखना होगा। आवेदकगण ने आय की हानि के रूप में 40000 रुपए सहचर्य की हानि के रूप में 10000/- रु. तथा मानसिक वेदना हेतु 50000 रुपये इस प्रकार विभिन्न मदों में कुल 450000 रुपए अनावेदकगण से संयुक्तत: एवं पृथकत: इस आधार पर दिलाये जाने की प्रार्थना की कि दुर्घटना दिनांक को दुघर्टनाकारक वाहन अनावेदक क्रमांक 2 के यहां ब्रीमित था। अनावेदक क्रमांक 1 प्रकरण में अपने अधिवक्ता के माध्यम से उपस्थित तो हुआ परंतु दिनांक को उपस्थिति होकर एकपक्षीय हो गया है। अनावेदक क्रमांक 1 ने कोई जवाबदावा पेश नहीं किया। अनावेदक क्रमांक 2 ने आवेदकगण के क्लेम आवेदन में लिखे समस्त अभिवचनों से इंकार किया है, उसने दुघर्टना होने, अनावेदक क्रमांक द्वारा तूफान जीप क्रमांक एम.पी.-45-बीबी-0751 को तेजी व लापरवाही से चलाने, जिससे बृजेश का जीप से गिरने जिसमें बृजेश को गंभीर चोटें आने व परिणामस्वरूप उसकी मृत्यु होने, सुरेश दुघर्टना के समय 40 वर्ष की आयु का होकर मजदूर का कार्य कर रहा था।