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JasvirSingh1427007
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अयान अपने स्कूल की तरफ से पिकनिक पर गया था। स्कूली बच्चे शहर से कोसों दूर पिकनिक मनाने गए थे। आसपास छोटे-छोटे गांव बसे हुए थे। खेलते-खेलते अयान और उसके दोस्त काफी आगे निकल गए। जब कुछ देर तक वे वहां नजर नहीं आए तो उनके शिक्षक भास्कर उन्हें ढूंढने निकल पड़े। भास्कर ने देखा, अयान और उसके दोस्त किसी किसान के सामान के साथ खेल रहै हैं। जब वह वहां पहुंचे, तो अयान और उसके दोस्त किसान के जूतों को टटोल रहे हो? अयान बोला, सर हम इन जूतों में मिट्टी भर रहे हैं। जब किसान आएगा और वह इन जूतों को पहनेगा, तो उसके पैर गंदे हो जाएंगे और हमें मजा आएगा। भास्कर बोले, ऐसा करने से तो उसके जूते पहनने लायक भी नहीं बचेगें। चलो, हम कुछ अलग तरीके से मजे करते हैं। बच्चे यह सुनकर एकदम खुश हो गए। शिक्षक और बच्चों ने मिलकर अपने टिफिन का सारा काना एक पॉलिथीन में लपेटकर उसके सामान के साथ छिपा दिया। तभी उन्हें किसी के आने की आहट सुनाई पड़ी। वे सब छिपकर देखने लगे। उन्होंने देखा एक किसान आया और अपना सामान उठाने लगा, तभी उसकी नजह गुलाबी पॉलिथीन पर पड़ी। उसने वह पॉलिथीन निकली, तो देखा कि उसमें ढेर सारा खाना रखा हुआ है। उसने खाना सूंघ के देखा, खआना एकदम ताजा था। उसने पलट कर इधर-उधर देखा और खूब अवाजें लगाई कि किसने यह खाना यहां रखा है। शिक्षक और बच्चो चुपचाप देखते रहे। वह किसान वहीं जमीन पर बैठ गया और रोने लगा। उसे रोते देख शिक्षक भास्कर दीवार के पीछे से निकले और उसके कंधे पर हाथ रखा। किसान भास्कर के चरणों में गिर गया और बोला, साहब आप को ऊपर वाले ने ही आज यहां भेजा है। मेरी बीवी-बच्चे पिछले एक हफ्ते से भूखे हैं। आपके इस उपकार से हम दो दिन पेट भरकर खाना खा पाएंगे। शिक्षक ने बाद में उसे कुछ पैसे भी दिेए।