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krishnasharma1423660


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ुंबई में ध्वनि प्रदूषण पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि डांडिया से अब क्या दिक्कत हो गई नई दिल्ली में ध्वनि प्रदूषण मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इतने सालों से डांडिया चला रहा है लेकिन अभी तक कोई दिक्कत नहीं हुई अब क्या दिक्कत हो गई सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी की जिसमें अर्जी की मॉंग की गई थी सुप्रीम कोर्ट बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर लगी रोक को हटाये। अर्जी के कहा गया था कि इसी समय मुंबई में अफरा तफरी का माहौल अस्पतालों के आस-पास डांडिया का प्रोग्राम हो रहा है। ऐसें में हाई कोर्ट के आदेश पर लगी रोक को हटाया जाये लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस मांग को दिया है और मामले की सुनवाई 6 अक्टूबर को तय की गई है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई में गणपति विर्सजन को लेकर बॉम्‍बे हाई कोर्ट के सांईलेंस जॉन के आदेश पर रोक लगा दी थी। दरअसल इसी महीने ध्‍वनि प्रदूषण से जुडे नियमों में बदलाव करने वाली केंद्र सरकार के कदम पर बाम्बे हाई कोर्ट ने रोक लगा दी थी हाल ही में 2000 के ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों में केंद्र सरकार द्वारा किये गये। बदलाव को हाई कोर्ट ने असंवैधानिक मानते हुये प्रथम दृष्टिया इसे संविधान के अनुच्छेद 21 14 के विपरित बताया था हाई कोर्ट ने यह भी कहा है कि सरकार ने कानून में बदलाव करते समय जनहित से जुडे सिद्धांत का पालन नहीं किया है। पर्यावरण कानून के तहत इसे अनिवार्य किया गया है। लेकिन केंद्र सरकार राज्या सरकार ने इसका पालन नहीं किया बॉम्बे हाई कोर्ट के इस फैसले को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट ने चुनौती दी जिस पर सुनवाई करते हुये सुप्रीम कोर्ट ने इाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी। केंद सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि अगर हाई कोर्ट का साइलेंस जोन का फैसला बरकरार रखा गया तो गणेश विसर्जन में दिक्‍कत हाई कोर्ट की रोक के बाद सभी अस्पतालों, धार्मिक जगहों, स्कूलों, कॉलेजों के 100 मीटर के दायरे वाला शांत क्षेत्र या साईलेंस जॉन बना रहता दरअसल बी एम सी ने मुंबई में 1500 जगहों को शांत क्षेत्र बना रखा था।
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