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krishnasharma1423660
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बिल्ली के गले में घंटी बांधने के बाद सभी चूहे राहत की सांस ले रहे थे। उन्हें लगा कि उनकी जिंदगी में अब बिल्ली के आतंक का अंत हो गया है। जश्न मानाने के लिए चूहों ने एक भव्य आयोजन किया। अभी जश्न की शुरुआत हुयी ही थी कि अचानक घंटी की आवाज सुनाई दी। सभी चूहे खतरा भांप गये कि बिल्ली आ गयी है। फिर तो जिसको जहां रास्ता मिला वो उधर ही हो लिया। जब बिल्ली वहां पहुंची तो उसने देखा कि पीने का बहुत सारा सामान उसके लिए पड़ा था। बिल्ली खुश हो गयी और उसने मजे से भर पेट खाना खाया। उसके बाद वो वहां से चली गयी।
चूहों ने जश्न का इस प्रकार अंत होगा किसी ने सोचा न था। पर चूहों को इस बात की तसल्ली थी घंटी बजने के कारन उनकी अपनी जान तो बच गयी। लेकिन ये सिलसिला यहीं खत्म न हुआ। बिल्ली के गले में घंटी बांधना चूहों के लिए मुसीबत बनता जा रहा था। बिल्ली जब भी आस-पास से गुजरती। घंटी की आवाज सुन कर सभी चूहे अपने बिल में घुस जाते। इस तरह से उनके सारे काम रुक जाते। वो अपने खाने के लिए भरपेट भोजन का इंतजाम भी न कर पाते। धीरे-धीरे कमजोर होने लग गए।
बिल्ली को भी इस बात का आभास होने लगा कि उसके गले में बंधी घंटी के कारन चूहों को उसके आने के बारे में पता चल जाता है। तो बिल्ली ने भी अपना दिमाग लगाया। अब जब भी वो चूहों के इलाके में जाती अपनी घंटी को इस तरह पकड़ कर जाती कि उसकी आवाज न हो। चूहों ने कहां सोचा होगा कि बिल्ली इतना दिमाग लगाएगी। अब बेफिक्र हुए चूहों पर अचानक से हमला हुआ तो उन्हें कुछ समझ नहीं आया। बिल्ली ने मौके का फायदा उठाया और 4-5 चूहों को वहीं ढेर कर दिया। बिल्ली को भरपेट भोजन मिल गया।
इस घटना से आहत चूहों ने एक बार फिर से समस्या के हल के लिए एक सम्मेलन किया। धिक्कारा जा रहा था उस चूहे को जिसने ये विचार किया था और बिल्ली के गले में घंटी बांधी थी। लेकिन अब किया क्या जा सकता था। इस बार किसी ने कोई विचार न दिया। ये सम्मेलन बिना किसी निष्कर्ष के ही खत्म हो गया। अगली सुबह जैसे ही सब चूहे उठे उनके होश उड़ गए। बिल के एकदम सामने वहीं घंटी पड़ी हुयी थी जो बिल्ली के गले में थी। कोई कुछ समझ पाता। इससे पहले वो युवा चूहा सबके सामने आया और बोला, हमारी मुसीबत का अंत हो गया है। मैंने उस बिल्ली की जीवन लीला ही समाप्त कर दी।