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RakeshSharma3521
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सभापति महोदय, आपने मुझे इस विषय पर बोलने का जो अवसर दिया है। उसके लिये मैं आपका बड़ा आभारी हूँ। मैं रेल मंत्री जी और उनके मंत्रालय के सभी कर्मचारियों को हार्दिक धन्यवाद देना चाहता हूँ! कि उन्होनें युद्ध के समय पूरी लगन के साथ अपना काम किया लेकिन मैं मंत्री जी को यह याद दिनाला चाहता हूँ कि उन्होंने यह बात पर ध्यान नहीं दिया कि उन्होंने केवल राष्ट्र प्रशासन को दो ही राष्ट्रीय पुरूस्कार मिले हैं। मैं तो यह भी मानता हूँ कि हमारी सेना के बाद अगर किसी ने युद्ध कार्य में किसी ने सराहनीय कार्य किया है तो वह रेल प्रशासन है या रेलवे के कर्मचारी हैं। उनका मनोबल को बनाये रखने के लिये रेलमंत्री जी को अधिक से अधिक राष्ट्रीय पुरूस्कारों की सिफारिश करनी चाहिए रेल मंत्री जी ने अपने भाषण में भी रेल्वे कर्मचारियों की सराहना की है रेल्वे ने युद्ध-काल में जो काम किया वह देश की रक्षा के लिये एक महान कार्य था। लेकिन देश की उन्नति और निर्माण में भी रेल्वे ने जो जोर-शोर के साथ काम किया है। मंत्री महोदय को रेल कर्मचारियों के मनोबल को बनाये रखने के लिये उन्हें प्रोत्साहन देने की योजना बनानी चाहिए। इसके लिये मैं उन्हें एक सुझाव देना चाहता हूँ कि रेल्वे को जो भी मुनाफा होता है उसमें कुछ हिस्सा कर्मचारियों को दिया जाना चाहिए। वह हिस्सा किसी भी रूप में दिया जा सकता है चाहे आप उसे बोनस के रूप मे दें या किसी और तरीके से दें हर वर्ग के रेल कर्मचारी को यह पता होना चाहिए कि यदि वह सही तरीके से काम करेंगे तो उसे पुरूस्कार के रूप मे कुछ राशि अलग से मिलेगी इसी तरह से मैं इस संबंध में एक और सुझाव देना चाहता हूँ आजादी के बाद रेल्वे प्रशासन भारत सरकार का प्रशासन बन गया और इसके कर्मचारियों के प्रशासन की जिम्मेरदारी भी सरकार की हो गई। जिन क्षेत्र से में रेल्वें कर्मचारी बडी संख्या मे रहते हैं सरकार ने उनके लिये क्या-क्या सुविधाऐं दी हैं। आखिर सर्वेक्षण को आम बजट का पूर्व संकेत माना जाता है और आम बजट का नीति गत ढांचा मुख्य रूप से आर्थिक सर्वेक्षण पर के सुझाव पर ही टिका होता है। पूरी उम्मीेद है कि आने वाले दिनों में मध्यम वर्ग को अनुदान की राशि मिलना बंद हो जायेगी। अभी पोस्ट ऑफिस में जमा राशियों पर ब्याज की दरें कम कर दी गई यह सब्सीडी कम कर दी गई इसी तरह के और भी बड़े झटके शहन करने के लिये जनता तैयार रहे। यह पूछा जा सकता है कि सरकार क्यों लघु बजट योजना को निशाना बना रही है जबकि ये योजनायें खास तौर पर गरीबों और मध्यम आय वर्ग के बीच बहुत महत्वपूर्ण है अगर सरकार का मक्सत इन लघु बचत योजनाओं पर दी जाने वाली सब्सिडी को खत्म कर अधिक से अधिक राजस्व जुटाना है। तो यह पहल किसी भी तरह से जायज तो नहीं कही जा सकती है। उदाहरण के तौर पर मौजूदा वित्तीय वर्ष में सब्सिडी के रूप में जो राशि बापस दी जायेगी। वह बहुत बड़ी है।