words per minute

16

AmritpalYadav


00:00

Speed

यह एक कहानी बन चुका है कि यू. पी. पुलिस की यह कम्प्यूटर आपरेटर की नियुक्ति होगी भी या नहीं। यह एक बड़ा सवाल हर एक सम्मलित छात्र के मन में है। हर छात्र इस उम्मीद मेें है कि कभी कभी भर्ती पूर्ण होगी है उन सभी छात्रों को रोजगार मिलेगा परंतु सरकार और सियासत के घेरे में यह भर्ती ऐसी फंस सी गई है की दोबारा परीक्षा करवाने के बाद भी आज एक साल हो गया छात्र वहीं के वही है, पहले भी टाईपिंग का इंतजार था आज भी टाईपिंग का इंतेजार है,छात्र भर्ती बोर्ड में फोन करते है जिससे कुछ सही जानकारी हासिल हो जाए परंतु कोई जानकारी प्राप्त होती उपर से अधिकारियों कि फटकार अलग खा रहे हैं छात्र। यह भर्ती 2016 में समाजवादी सरकार में आयी थी तथा इसकी परीक्षा योगी सरकार में हुई थी किन्ही कारणों वश परीक्षा रद्द कर दी गई थी, हलांकि छात्रों ने काफी जिद्दोजहद की जिससे परीक्षा रद्द हो परंतु भर्ती बोर्ड कहाँ मानने वाला था परीक्षा रद्द कर ही दी गई तथा भर्ती बोर्ड का कहना था की कुछ छात्रों का NA आया है जिसका डेटा खो चुका है तो परीक्षा पुन: करवानी पडेगी,आखिरकार छात्रों की सारी बात गलत साबित कर के बोर्ड की मनमानी हो गई। पुन: परीक्षा हुई और फिर से NA वाली समस्सया सामने गई और फिर से भर्ती उसी की वजग से रुकी हुई है,यह सरासर भर्ती बोर्ड की लापरवाही है की एक बार जिस वजह से समस्सय हुई वही समस्सया दोबारा हुई और काम में रुकावट ही गई। यह लापरवाही इस वजह से हो रही है क्योंकि इस भर्ती की वजह से भर्ती बोर्ड के अधिकारियों के बच्चों का भविष्य अधंकार में नही जा रहा है,यदि ऐसा होता तो आज यह भर्ती पूर्ण हो चुकी होती। परंतु साधारण परिवारों से आये बच्चों का भविष्य अंधकार में रखने से अधिकारी या कर्मचारी,सजा अवष्य मिलनी चाहिए। सरकार बदले या सियासत कुछ भी हो परंतु भर्तीयों का समय विज्ञापन के साथ ही तय होना चाहिए जिससे सरकार बदलने से भर्ती पर कोई प्रभाव पडे। जय हिंद
words per minute
0
wpm
accuracy
0%
Text Practice - Time 658 - English

words per minute