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santoshsahu


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तंकवाद भारत की ही नही सभी देशों की समस्‍या है आतंकवाद एक ऐसा जहर बन चुका है जो सभी देशों को परेशान करता है आतंकवाद से आज तक किसी का भला नही हुआ है आतंकवाद से ग्रसित देशों को आर्थिक हानि ही हुई है । मेरे प्‍यारे दोस्‍तो आपने कभी सोचा है कि आतंकी पैदा क्‍यों होते है और पैदा कहां होते है और इनको बढ़वा कौन देता है। आतंकी हमारे पड़ोसी देशों में ,हमारे देश मे ही जन्‍म लेेेेता हैै हमारे पड़ोसी देश हमारे देश की उन्‍नति देखकर हमारे देश से जलने लगते है। और वे आतंकी समर्थन करने लगते है जैसे कि चीन हमेशा यही सोचता है कि भारत और पाकिस्‍तान की लड़ाई करा दी जाये फलस्‍वरूप परमाणु शक्ति के कारण वहां की आर्थिक स्थिति कमजोर हो जायेगी लोग भूख से तरसने लगेगेें। ऐसी स्थिति पर यह देश इन दोनो देशों पर कुछ धन खर्च करके इनकी मदत करेगा इस तरह यह इन देशों पर कब्‍जा कर लेगा। यह आतंकवाद का देश लेवल पर फैलने का उदाहरण है। अगर आतंवाद को खत्‍म करना है तो हमें अपने देश के भ्रष्‍टाचार को खत्‍म करना होगा। भ्रष्‍टाचार के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। और देश के बच्‍चो की शिक्षा के उचित अवसर प्रदान करवाने चाहिए। आज शिक्षा तो एक बिजनिस बन गया है। जहां देखो वहां लाच खोरी चल रही है। प्राइवेट स्‍कूल कॉलेजों में तो सिर्फ अनुशासन सिखाया जाता है ,और उन्‍हे तब तक अच्‍छे से पढ़ाया जाता है जब तक वे उनसे पूरी फीस वसूल कर ले। इस तरह मेरे देश के लोग ही देश को लूट रहे है इस तरह आधा ज्ञान प्राप्‍त बच्‍चे ही आगें चल कर खतरा सबित हो सकते है आतंकियों को अगर पूरा ज्ञान होता तो वे अपनी जान की परवाह कियेे बिना ही बम बारूद से लोगो को तंग क्‍यों करते ? कुछ सोचते कि इससे कई निर्दोष परिवारो की मौत चली जाएगी।
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