words per minute

24

SYMNews


00:00

Speed

रॉकेट में फिलहाल किसी इंसान को नहीं भेजा गया है लेकिन सब कुछ ठीक रहा तो अमरीकी स्पेस एजेंसी इसे मंज़ूरी दे सकती है जिसके बाद अंतरिक्ष यात्रियों को ले जाने का रास्ता साफ़ हो जाएगा। स्पेस एक्स के संस्थापक एलन मस्क ने कहा है कि स्पेस के कमर्शियल टूरिज़्म की दिशा से ये पहला क़दम साबित हो सकता है साल 2011 में अपने शटल रिटायर होने के बाद अमरीका अपने बूते किसी अंतरिक्ष यात्री को अंतरिक्ष में नहीं भेज पाया है। अमरीका इसके लिए रूसी सोयूज़ यानों का इस्तेमाल कर रहा है। आपको ये भी रोचक लगेगा, स्पेस में जानवर नहीं रोबोट क्यों भेजेगा इसरो 11 मिनिट के सफ़र के बाद स्पेस एक्स का फॉल्कन 9 रॉकेट और ड्रेगन क्रू कैप्सूल उस मार्ग पर थे जिस पर बढ़कर रविवार को एक निर्धारित समय और स्थान पर उसका इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से मेल होगा. इसमें भले ही कोई अंतरिक्ष यात्री नहीं है, लेकिन एक कृत्रिम अंतरिक्ष यात्री को इसमें ज़रूर भेजा गया है. इसमें सेंसर लगाए गए हैं जो ये बताएंगे कि इसमें सवार इंसान को किस तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा. इस कृत्रिम अंतरिक्ष यात्री को स्पेस एक्स ने 'रिपली' नाम दिया है जो एलियन मूवीज़ का एक किरदार है. स्पेस एक्स, कैलिफोर्निया की कंपनी है. एलन मस्क ने इसे स्पेस में कमर्शियल टूरिज्म के इरादे से बनाया है. रॉकेट लांच के बाद एलन मस्क ने संवाददाताओं से कहा, ''साल 2002 से यहां तक पहुंचने में 17 साल लग गए. सच कहूं तो मैं भावनात्मक रूप से थोड़ा तनाव में गया था क्योंकि ये 'सुपर स्ट्रेसफुल' था.''
words per minute
0
wpm
accuracy
0%
Text Practice - Time 575 - English

words per minute