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Sonuahirwar1594983
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इन्द्रदेव भारत वालों के इतने स्लो इन्टरनेट स्पीड से परेशान थे। कभी-कभी तो देवताओं के द्वारा व्हाट्सएप में भेजे गए मेसेज भी एक पहर के बाद मिलता था। जब तक वो किसी को मेसेज फारवर्ड करते बाकि सब कर चुके होते थे। ना ही वो सावन एप्प में गाना सुनते हुए धरती पर गर्जन के साथ बारिश करवा पा रहे थे ना होटस्टार पर कोई शो ही देख पा रहे थे। कही पर भी अपना जलवा नहीं दिखा पा रहे थे। कहीं से इन्द्रदेव ने सुना था की आजकल धरती में जिओ नाम की बहुत चर्चा है। बहुत ही सस्ते में 4जी वाली हाई स्पीड वो दे देता है। उसने सोचा क्यों ना जिओ सिम चुपके से लेके बाकी देवलोक वासियों के सामने हीरो बना जाये। लेकिन अगर वो सभी छोड़ के धरती जायेंगे तो लोग जान सकते है की, देवराज कहा गये हुए है। इसलिए उसने एक दिन नारदजी को ये काम चुपके से करने को राजी कर ही लिया।
चूंकि नारदजी को पूरे ब्रम्हांड में वीजा और पासपोर्ट की छुट है वो पूरे ब्राम्हांड में कही भी अपनी मर्जी से आ जा सकते हैं। आपके बेडरुम और बाथरुम में भी। तो नारद जी अपने स्पेसशिप से निकल पड़े धरती की ओर। स्पेशशिप में ही उन्होंने अपना हुलिया धरती के लोगों जैसा बना लिया था। धरती में भारत में नया रायपुर में उन्होंने लैंडिंग किया। और अपने स्पेसशिप को जंगल-सफारी में छिपा दिया। वो फिर अपने शिप से उतर के जंगल-सफारी से बाहर मैन रोड में आ गये। अब उन्हें रायपुर शहर जाना था। लेकिन बहुत देर तक इन्तजार करने के बाद भी कोई बस, ऑटो या जीप नहीं मिली। पास खड़े लोगों के पास जाके उसने पूछा तो पता चला की नक्सलियों ने एक विशेष जाति के व्यक्ति को मार दिया है। तो कुछ राजनीतिक पार्टियों ने सरकार का विरोध करने के लिए समूचे जनता को तकलीफ देने के लिए पूरे राज्य का परिवहन व्यवस्था बंद करवा दिया है।
नारदजी ने सोचा अब मुझे ही कुछ करना पड़ेगा। वो शक्तिमान की तरह गोल-गोल घूम के जाने के लिए घूमना शुरू किया। लेकिन यहां बहुत ज्यादा प्रदूषित पर्यावरण, ग्लोबल वार्मिंग और हवा में कार्बन-डाई ऑक्साइड की मात्रा अधिक होने के कारण उनकी शक्तियां क्षीण होने लगी थी। जैसे पापमणि के सामने शक्तिमान की शक्तियां क्षीण हो जाती है। उन्होंने थोड़ा और जोर लगाया तो गर्मी ज्यादा थी इसलिए चक्कर खाकर वहीं गिर पड़े। थोडी देर बाद जब उनकी आंख खुली तो उन्होंने खुद को एक वाहन में ले जाते हुए पाया। वाहन चल रही थी उन्हें थोड़ा असमंजस हुआ। शायद किसी ने मुझे वहां बेहोश पड़े देख के 108 एम्बूलेंस को बुला लिया होगा। चलो कोई बात नहीं इस तरह मैं रायपुर शहर तो पहुंच जाऊंगा।