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उद्देश्यपरक बैंकिंग धारणा और विकास-
भारत सहित विश्व के तमाम देशों में आज बैंकिंग की अवधारणा में बड़ी तेजी से परिवर्तन आ रहे हैं। भारत के संबंध में ही यदि देखा जाए तो यहां बैंकिंग का इतिहास बड़ा लंबा और रोचक रहा है। भारत में बैंकिंग को हमेशा व्यवहारिक नजरिये से देखा जाता रहा है। देश में ऐसी कई नीतियां और कानून बने जिसने लक्ष्य आधारित बैंकिंग को प्रोत्साहित किया। सिडबी, आईडीबीआई, एचडीएफसी, नाबार्ड, ग्रामीण बैंक, महिला बैंक आदि, तमाम ऐसे बैंकों के उदाहरण हैं जिनकी स्थापना कुछ सीमित उद्देशयों और लक्षित समूहों को ध्यान में रखकर किया गया था। किन्तु आज ये सभी बैंक अपने आरम्भिक स्वरूप से बिलकुल भिन्न नजर आते हैं। ऐसी स्थिति में सतही तौर पर ऐसा प्रतीत होता है कि भारतीय बैंकिंग भटकाव की ओर तो नहीं हैं?
इसे समझने के लिए हमें बैंकिंग क्षेत्र में आ रहे लगातार बदलाव को समझना होगा। एक ऐसे देश में जो 7 प्रतिशत की विकास दर से बढ़ रहा है।, जिसमें उद्यमिता की भावना हो, उस देश के बारे में कोई भी यह नजरिया रखेगा कि वहां का बैंकिंग क्षेत्र अत्यधिक तीव्रगामी है, साथ ही अत्यधिक बदलावकारी भी है।
बैंकिंग क्षेत्र में बदलाव-
इन बदलाओं के नजरिए से देखा जाय तो वास्तव में बैंकिंग की परिभाषा ही आज बदल चुकी है। समय और स्थान सापेक्ष तरीके से आज बैंकिंग प्रक्रिया में निरंतर बदलाव आ रहे हैं। वैश्विक स्तर पर बैंकिंग की शुरूआत की स्थिति को देखा जाय तो जिस समय से मुद्रा की संकल्पना को समझा जाने लगा था उसी समय से उधार देना और लेना शुरू हुआ था। जब आधुनिक प्रकार के नए बैंकों की स्थापना हुई थी। यहीं से बैंकिंग की नीव पड़ी। बैंकिंग की परिभाषा को यदि बैंककारी विनियमन अधिनियम के अनुसार देखें तो बैंकिंग यह गतिविधि है जिसे बैंक अंजाम देता है अथवा बैंक वे कहलाते हैं जो बैंकिंग का कार्य करते हैं। किन्तु आज बैंकिंग वह नहीं रहा जो बैंक कर रहे हैं। अब वे गतिविधियां भी बैंकिंग की परिभाषा में शामिल हैं जो गैर बैंक भी कर रहे हैं। बैंक अब वह संस्थाएं नहीं रहे जो विशेष रूप से बैंकिंग का कार्य कर रहे थे। अब अन्य गैर बैंक भी बैंकिंग का कार्य कर रहे हैं। आज बैंकिंग के मानदण्ड बदल गये हैं। अब नया मानदंड है ढेर सारी बैंकिंग गतिविधियां करना और इन ढेर सारी गतिविधियों में से प्रत्येक समूह की गतिविधि को करने के लिए कुछ खास प्रकार की संस्थाएं भी है जो केवल उन्हीं गतिविधियों का निष्पादन करती हैं।