words per minute

13

VinodShakya2250


00:00

Speed

प्रश्‍न यह नहीं है कि क्‍या जलवायु परिवर्तन वाकई एक हकीकत है सवाल यह है कि हम अब क्‍या कर सकते हैं ऐसा इसलिए, क्‍योंकि दुनिया के कई हिस्‍सों में बढ़ता तापमान और बदलता मौसम तबाही मचा रहे हैं। लिहाजा तत्‍काल जरूरत ऊर्जा प्रणालियों में संरचनात्‍मक बदलाव लाने की है। संयुक्‍त राष्‍ट्र का हालिया जलवायु परिवर्तन सम्‍मेलन इसी कड़ी का एक और उदाहरण था, जो इसलिए बुलाया गया, ताकि मौसम में हो रहे बदलाव को रोकने के लिए तमाम सदस्‍य देश अधिक से अधिक प्रयास कर सकें। इस समस्‍या का वास्‍तविक समाधान आखिर कहां है। इस लिहाज से कुछ अच्‍छी खबरें भी आई हैं। इन पर हमें गौर करना चाहिए। मगर इस दिशा में आगे बढ़ने से पहले यह भी जरूर समझ लेना चाहिए कि 'जलवायु न्‍याय' की अवधारणा को यदि हम स्‍वीकार नहीं करेंगे, तो मौसम का बदलाव कहीं अधिक परेशानी पैदा करेगा और दिन-ब-दिन यह दु:साध्‍य होता जाएगा। तो अच्‍छी खबरें क्‍या हैं। दरअसल, अंतरराष्‍ट्रीय ऊर्जा एजेंसी की ग्‍लोबल एनर्जी सीओटू स्‍टेटस रिपोर्ट-2018 जारी की गई है, जो बताती है कि वैश्विक ऊर्जा खपत में तेजी आई है। यह वृद्धि साल 2010 के बाद की औसत विकास दर की दोगुनी है।
words per minute
0
wpm
accuracy
0%
Text Practice - Time 422 - English

words per minute