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JayantBhalavi1902355
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सभापति महोदय, मैं इस सदन में एक महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा करना चाहता हूँ। मेरे सभी माननीय सदस्य इस बात से अच्छी प्रकार परिचित हैं कि आज देश की सामान्य दशा ठीक नहीं है। देश में बेकारी दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है और उसको रोकने के लिए सरकार की ओर से कोई ठोस कदम अभी तक नहीं उठाया गया है। वैसे भी सरकार के सामने इस अवसर पर कई समस्याऍं हैं जिस कारण वह बेकारी को दूर करने के कार्यक्रम पर कोई ध्यान नहीं दे पा रही है। यदि यह भयंकर समस्या की ओर सरकार ने यथा समय ध्यान नहीं दिया और बेरोजगारी को दूर करने के लिए कोई निश्चित कार्यक्रम नहीं बनाया तो देश का बेरोजगार वर्ग क्रांति के रास्ते पर बढ़ सकता है। यदि वास्तव में इस देश में इस प्रकार से बेरोजगारी के विरूद्ध क्रांति हुई तो सरकार को बहुत बड़ी कठिनाईयों का सामना करना पड़ सकता है। अत: मेरा सुझाव है कि सरकार को जल्दी से जल्दी इस समस्या की ओर ध्यान देना चाहिए। बेरोजगार वर्ग के लिए ऐसा निश्चित कार्यक्रम बनाना चाहिए कि वे समय पर अपनी योग्यता के अनुसार रोजगार प्राप्त कर सकें। यदि सरकारी सेवाओं में सभी शिक्षित बेरोजगारों को स्थान नहीं भी मिल पाता है तो उनके लिए कुटीर एवं लघु उद्योग स्थापित करके काम के अवसर बनाए जाने चाहिए। यही नहीं शिक्षा प्रणाली में भी उचित परिवर्तन करने की आवश्यकता है। भारत जैसे देश में ऐसी शिक्षा दी जानी चाहिए ताकि युवा वर्ग कुटीर उद्योंगों तथा लघु उद्योगों में रूचि ले सके और तकनीकी काम में भाग लेकर बेरोजगारी को दूर करने के साथ-साथ देश को सम्पन्न बनाने में भी अपना योगदान दे सके।
महोदय, अब मैं देश में फैले भ्रष्टाचार की ओर आपका तथा सदन में उपस्थित माननीय सदस्यों का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ आप सभी सदस्यों को मालूम ही है कि आवश्यक वस्तुओं के मूल्यों में लगातार वृद्धि होती जा रही है। मूल्य वृद्धि के इस दौर में सरकार की ओर से कोई विशेष नियंत्रण नहीं रखा जा रहा है, परिणामस्वरूप देश की जो आम जनता है उसे बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारी वर्ग मुनाफाखोरी की तरह बढ़ता जा रहा है और आम जनता महँगाई से बढ़ती जा रही है। यही नहीं लोगों के पास आवश्यक वस्तुओं को खरीदने के लिए भी पैसा नहीं है। गरीब लोग अनाज के अभाव में भूखे मर रहे हैं।