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123Aravind
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एक माह बाद गिरफ्तारी वारंट आ गया क्योंकि मोटरसाइकिल वाले व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज करवा दी थी। कार मालिक भाई ने जमानत के लिए सब इंतजाम कर लिए थे। केस जिला सिविल कोर्ट में चल रहा था। जमानत तुरंत हो गयी और मुझे पेशी की दिनांक दे दी गयी। इस तरह से पेशियों का सिलसिला चलने लगा। मैंने बाबा से कहा, बाबा, मेरी कोई गलती नहीं है फिर भी धन और समय कोर्ट के चक्कर में व्यर्थ बर्बाद हो रहे हैं। ये बातें बाबा को रोज अमृतवेले कहता था। दिखता था कुछ और लेकिन प्यारे बाबा की शक्ति से हो गया कुछ और। गवाहों को कोर्ट में उपस्थित किया गया। उन्हें मेरे खिलाफ कोई भी सबूत नहीं मिला। पूरे 10 गवाहों में से 8 गवाह मेरे पक्ष में हो गये और 2 गवाह दूसरे पक्ष में थे। इस तरह से केस में मेरी जीत हुई और कोर्ट ने बाइज्जत बरी कर दिया। यह केस दो वर्षों के अंदर ही बंद हो गया। सब शिवबाबा का ही कमाल है इसलिए मैं बाबा को दिल से शुक्रिया करता हूँ।