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एक दिन की बात है अकबर ने अपने सारे ज्ञानियों को बुलाया और पूछा, आज मैं आप लोगो से कुछ बात पूछना चाहता हूँ , सब लोगो ने अकबर को बहुत ही ध्यान से देखा और बोला क्या कोई गलती हो गए है किसी से अकबर मुस्कुरा कर बोला नहीं , मैं बस इतना जानना चाहता हूँ की हमारे राज्य में कुल कितने पंछी है जो सही बताएगा उसको मैं अपना यह हार उपहार में दूंगा अकबर की यह बात सुनकर कुछ लोगो ने बोला – तीन हज़ार , कुछ ने बोला चार हज़ार और कुक्न लोगो ने सात हज़ार बोला जब सब लोगो ने बता दिया तो अकबर ने पूछा अरे बीरबल तुमने कुछ नहीं बताया अभी तक फिर बीरबल ने बोला मैं अभी नहीं बता सकता मुझको कुछ टाइम चाहिए मैं आप को कल तक बताऊंगा अकबर ने बोला सोच लो बीरबल , फिर बीरबल ने मुस्कुरा कर बोला – महाराज कल आप को एक दम सही पता चल जायेगा फिर क्या था सब लोग अपने – अपने घर चले गए और बीरबल भी रात भर सोचते रहे की कल मैं क्या बोलू की महाराज अकबर को सही लग जाये और वह हार मुझको मिल जाये बहुत देर तक दिमाग लगाने के बाद बीरबल के मन में एक विचार आ ही गया और फिर वह सो गया
अगले दिन महराज अकबर ने बीरबल और सारे लोगो को बुलाया फिर पूछा – बीरबल आज तो आप ने पता कर ही लिया होगा बीरबल ने कहा – जी महराज , फिर अकबर ने बोला – फिर सबको बताओ की कितनी चिड़िया है
बीरबल ने बहुत ही साहस के साथ बोला – महाराज पुरे राज्य में दश हज़्ज़ार नौ सौ नीनयनवे चिड़िया है यह सुनकर अकबर बोला के यह एक दम सही है बीरबल ने बोला हा महाराज एक दम सही है लेकिन एक परेशानी है अगर आप इन चिड़िया को किसी को गिननेके लिए कहोगे तो इसमें कुछ काम भी हो सकती है और कुछ ज्यादा भी हो सकती है फिर कबर ने बोला फिर यह कैसे सही है
बीरबल ने मुस्कुराते हुए बोला – महाराज जब आप चिड़िया गईं रहे होंगे तो कुछ चिड़िया अपने रिस्तेदार के यहाँ भी चली गयी होंगी और कुछ अपने रिस्तेदार के यहाँ आ भी गयी होंगी तो काम और ज्यादा हो सकती है न बीरबल की यह बात सुनकर अकबर खुश हो गए और अपनी हार उनके गले में पहना दिया
इस कहानी से हम लोगो को यही सीख मिलता है की सूझ – बुझ के साथ कोई भी काम करोगे तो सफल रहोगे गर आप को यह कहानी अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करे